परसमनिया गढ़ी गोलीकांड के तीन वीडियो आए सामने, राजघराने के पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप

सतना यश भारत । नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुए चर्चित गोलीकांड के तीन वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में घटना से पहले और बाद की परिस्थितियां कैद हुई हैं, जिनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गोली चलाने की आरोपी महिला को न्यायालय ने जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, सामने आए पहले वीडियो में राजघराने के सदस्य रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में उनके कपड़े फटे हुए नजर आ रहे हैं तथा इसी दौरान गोली चलने की आवाज भी सुनाई देती है। एक गोली दीवार से टकराने के बाद धुआं उठता हुआ भी दिखाई दे रहा है।
दूसरे वीडियो में गढ़ी की गैलरी का दृश्य है, जहां फर्श पर खून के निशान और टूटे हुए कांच बिखरे पड़े हैं। बताया जा रहा है कि पूर्वजों के फोटो फ्रेम तोड़कर उन्हीं के कांच से बाबा राजा पर हमला किया गया था। तीसरा वीडियो गढ़ी से लगे पेट्रोल पंप का है, जहां तोड़फोड़ के बाद सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दे रहा है।
बचाव में हुई फायरिंग या सुनियोजित हमला?
राजपरिवार के करीबी सूत्रों का दावा है कि पहले बाबा राजा पर हमला किया गया था। इसी दौरान उनकी करीबी महिला मित्र सुनीता सिंह परिहार ने कथित रूप से उनकी सुरक्षा के लिए फायरिंग की। बताया जा रहा है कि करीब नौ राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से एक गोली रूपेंद्र सिंह की पत्नी योगिता सिंह के पेट में जा लगी।
रूपेंद्र सिंह प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे हैं। उनकी शादी वर्ष 2000 में योगिता सिंह से हुई थी।
पुलिस ने घटना के बाद सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक, आठ जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए गए हैं। शुक्रवार को न्यायालय में पेशी के बाद उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
उधर, गोली लगने से घायल योगिता सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद सतना से रीवा स्थित विंध्य सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर हैं।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
घायल योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 11 जून की दोपहर वह अपनी बेटी, नाती और अन्य परिजनों के साथ गढ़ी से सामान लेने पहुंची थीं। इसी दौरान विवाद हुआ और सुनीता सिंह ने कथित रूप से कमरे का दरवाजा बंद कर लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी।
आठ वर्षों से चल रहा था पारिवारिक विवाद
सूत्रों के अनुसार, सामाजिक कार्यों के दौरान सुनीता सिंह का संपर्क रूपेंद्र सिंह से हुआ था। समय के साथ यह संबंध पारिवारिक विवाद का कारण बन गया। बताया जाता है कि करीब आठ वर्ष पहले पति-पत्नी के बीच मतभेद बढ़ने के बाद रूपेंद्र सिंह परसमनिया गढ़ी छोड़कर सतना में रहने लगे थे।
दोनों ने मिलकर व्यवसाय भी शुरू किए, जिनमें एक रेस्टोरेंट और बाद में पेट्रोल पंप शामिल था। कारोबार और संपत्ति के मामलों को लेकर भी विवाद लगातार बढ़ता गया। जनवरी 2022 में रूपेंद्र सिंह के पिता के निधन के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए थे।
बाल अधिकार कार्यकर्ता से आरोपी तक का सफर
38 वर्षीय सुनीता सिंह नागौद क्षेत्र के उमरी गांव की निवासी हैं। वह महिला एवं बाल अधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं और कई स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने सामाजिक विकास के लिए स्वयं की संस्था भी बनाई थी तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी परियोजनाओं से जुड़ी रही हैं।
वहीं योगिता Singh लंबे समय तक स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह तीन बार परसमनिया क्षेत्र की सरपंच रह चुकी हैं तथा भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। पति से विवाद के बाद वह अधिकांश समय अपने पुत्र के साथ मायके में रह रही थीं।
घटना के बाद सामने आए वीडियो ने मामले को और जटिल बना दिया है। एक पक्ष इसे आत्मरक्षा में की गई फायरिंग बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सुनियोजित हमले का आरोप लगा रहा है। पुलिस सभी वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पूरे विंध्य क्षेत्र की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।







