धक्का परेड हुई डायल-112, गुणवत्ताहीन बैटरी ने बढ़ाई पुलिस जवानों की परेशानी, वाहन ठेकेदार और विभागीय निगरानी पर उठे सवाल

रीठी, यशभारत। अपराध पर त्वरित नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग को उपलब्ध कराई गई डायल-112 सेवा स्वयं तकनीकी अव्यवस्थाओं की शिकार होती नजर आ रही है। रीठी थाना अंतर्गत सलैया पुलिस चौकी में तैनात डायल 112 वाहन इन दिनों धक्का परेड का पर्याय बन गया है, जिससे पुलिस जवानों को अपराधियों तक पहुंचने से पहले वाहन को चालू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सूत्रों के अनुसार वाहन में लगी बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो जाती है, जिसके कारण वाहन सेल्फ स्टार्ट नहीं होता। परिणामस्वरूप पुलिस जवानों को कई बार वाहन में धक्का लगाकर उसे चालू करना पड़ता है। अपराध और दुर्घटना जैसी गंभीर सूचनाओं पर तत्काल रवाना होने के बजाय जवानों का बहुमूल्य समय वाहन स्टार्ट कराने में ही खर्च हो रहा है। बताया जाता है कि वाहन यांत्रिक रूप से ठीक है लेकिन उसमें लगी बैटरी की गुणवत्ता और कार्यक्षमता बेहद खराब है। बैटरी जल्द डिस्चार्ज हो जाने के कारण हर समय अनिश्चितता बनी रहती है कि आपातकालीन सूचना मिलने पर वाहन समय पर रवाना हो पाएगा या नहीं। सवाल यह है कि जब डायल 112 जैसी महत्वपूर्ण सेवा के लिए वाहनों का संचालन किया जा रहा है, तो उनके रखरखाव और उपकरणों की गुणवत्ता की नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही। यदि वाहन ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन बैटरी लगाई गई है तो उसके विरुद्ध जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही। आखिर पुलिस जवानों को अपनी ऊर्जा अपराध नियंत्रण में लगानी चाहिए या वाहन में धक्का लगाने में।







