दहशत : तीन घंटे के भीतर बाघ के दो हमले : दो महिलाओं की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में रविवार को महज तीन घंटे के अंतराल में बाघ के दो अलग-अलग हमलों में दो महिलाओं की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। घटनास्थलों पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जिससे प्रशासन और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पहली घटना वन विकास निगम बरघाट (कार्पोरेशन) के बहरई परिक्षेत्र अंतर्गत मऊ-चांदिया पहाड़ी क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बीजाटोला मऊ निवासी शेवबती मर्सकोले (45) खेत में ‘गुल्ली’ बीन रही थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें खेत से उठाकर जंगल की ओर ले गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। दोपहर करीब 2 बजे पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की।
दूसरी घटना दक्षिण सामान्य वनमंडल के कुरई वन परिक्षेत्र की गोरखपुर बीट के जामरापानी (जामुनपानी) सर्किल में दोपहर लगभग 1 बजे हुई। यहां ग्राम पंचायत धनौली के जिलापुर गांव निवासी शांति बाई कुमरे (55) पर बाघ ने हमला कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान ग्रामीणों को उनका शव खेत से लगे जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।
दोनों घटनाओं से कृषि कार्य में लगे ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की लगातार मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
बरघाट एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि वे स्वयं कुरई के धनौली गांव में मौजूद हैं और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मऊ-चांदिया पहाड़ी क्षेत्र में बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश सिंह बैस सहित वन एवं राजस्व विभाग की टीमें ग्रामीणों को शांत कराने में जुटी हैं।
दक्षिण सामान्य वनमंडल के डीएफओ गौरव कुमार मिश्र ने बताया कि कुरई की घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों घटनास्थलों पर पुलिस, वन और राजस्व विभाग की टीमें तैनात हैं तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों के विरोध के चलते देर शाम तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी थी।







