टल गई नगर पंचायत बरही में तालाबंदी, कैमोर के इंजीनियर हिमांशु बरही में 2 दिन देंगे वक्त, अध्यक्ष इस्तीफा लेकर पहुंचे जेडी आफिस, महिला इंजीनियर को हटाने का मुद्दा

बरही/कटनी, यशभारत। कल 20 मई को नगर परिषद बरही में तालाबंदी होनी थी, जो अब टल चुकी है। इस पूरे मामले में अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल किनारा किए हुए था। 17 मई को इसी मुद्दे को लेकर अध्यक्ष और पार्षदों में जमकर तकरार हुई। फिर क्या था 18 मई को अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल भी मैदान में उतर गए। वे परिषद के उपाध्यक्ष मोहन सिंह, पार्षद सुरेश सोनी पंडा, हीरालाल महतेल और इकबाल पबार के साथ अपना इस्तीफा लेकर जेडी आफिस जबलपुर पहुंच गए। जेडी आफिस से आनन-फानन में इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए कैमोर में पदस्थ इंजीनियर हिमांशु गौतम को नगर परिषद बरही में हफ्ते में 2 दिन की ड्यूटी देने का तत्काल आदेश जारी किया गयाए जिसके बाद नगर परिषद बरही में होने वाली तालाबंदी फिलहाल टल गई है। इस पूरे मामले में अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल ने यशभारत से चर्चा करते हुए बताया कि जब परिषद के सारे पार्षद नहीं रहेंगे तो वे अकेले क्या करेंगे, इसलिए वे जेडी आफिस पहुंच गए, जहां से विकास कार्य को गति देने के लिए कैमोर के इंजीनियर को बरही में भी सेवाएं देने का आदेश जारी हुआ।
फिलहाल नहीं हटेगी महिला इंजीनयर
एक महिला इंजीनियर पर विकास कार्य मे बाधा बनने का तोहमत लगाते हुए परिषद के सभी पार्षद एकजुट हो गएए लेकिन जेडी आफिस से आए आदेश में उन्हें हटाने का कोई जिक्र ही नहीं है। अब इस लड़ाई में किसकी जीत हुई और कौन हारा यह सवाल सुर्खियां बना हुआ है, लेकिन यह सही है कि एक महिला इंजीनियर का 14 पार्षदों ने मिलकर कुछ भी नही कर पाए, फिलहाल वे बरही में ही रहकर छाती में मूंग दरने की कहावत को चरितार्थ जरूर करेंगी।
6 माह पूर्व डूडा अटैच हुई थी इंजीनियर
गौरतलब है कि 6 माह पूर्व ठेकेदारों की शिकायत पर इंजीनियर अपेक्षा वर्मा को कटनी डूडा अटैच कर दिया गया था और कैमोर के इंजीनियर हिमांशु गौतम को 2 दिन के लिए बरही में सेवाएं देने का आदेश जारी हुआ था। न्यायालय से स्थगन लेकर इंजीनियर अपेक्षा वर्मा बरही में सेवाएं देने लगीए जिन पर विकास कार्यों में रुचि न लेने का आरोप लगाते हुए लामबंद हुए पार्षदों ने इंजीनियर अपेक्षा वर्मा को हटाने की मांग करने लगे। इंजीनियर को तो नही हटा पाए, लेकिन पार्षदों को यह संतुष्टि हो गई कि भले ही 2 दिन के लिए उन्हें कैमोर वाला इंजीनियर मिल गया।







