मध्य प्रदेशराज्य

जिला चिकित्सालय में कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण से खुल गई पोल : अनुपस्थिति पर 9 चिकित्सकों सहित 24 स्टाफ नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी

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यशभारत डिंडौरीl कलेक्टर को आम जनता के माध्यम से जिला चिकित्सालय में लापरवाही की शिकायतें मिल रही थी l इतना ही नहीं शिकायत तो उल्लेख था कि सिविल सर्जन एवं डॉक्टरों के द्वारा व्यक्तिगत क्लीनिक संचालित की जाती है और चिकित्सालय ड्यूटी में लापरवाही बरती जा रही है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अचानक औचक निरीक्षण किया। ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधा प्राप्त हो सके।

          जिला चिकित्सालय डिण्डौरी में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में स्टाफ नर्स अपने कर्तव्य स्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे।

        आकस्मिक निरीक्षण के पश्चात उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया गया, जिसमें अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हस्ताक्षर निर्धारित तिथियों से दर्ज नहीं पाए गए। इस पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह मरावी, डॉ. अरूनेन्द्र मूर्ति गौतम, डॉ. मिनी मोरवी, डॉ. डी. के. रंगारे, डॉ. धनराज सिंह, डॉ. अजय राज (अस्पताल सह मुख्य अधीक्षक), डॉ. कन्हैया बघेल, डॉ. शिवम परोहा, डॉ. अमित जैन सहित लगभग 24 स्टाफ नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

     नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित डॉक्टर एवं स्टॉफ नर्स का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। सभी को निर्देशित किया गया है कि वे दिनांक 29 दिसंबर 2025 को सायं 6:00 बजे तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।

    निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध वेतन कटौती सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की चेतावनी दी गई है।

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