जबलपुर की लुटेरी दुल्हनः जिला न्यायालय के मंदिर में शादी की और नगदी-जेवरात लेकर हुई फरार

जबलपुर, यशभारत। जिला न्यायालय में उस वक्त हंगामा मच गया जब एक लुटेरी दुल्हन ने मंदिर में शादी की और नगदी-जेवरात लेकर अपने साथी के साथ फरार हो गई। हालांकि अधिवक्ताओं ने लुटेरी दुल्हन की मौसी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ओमती पुलिस ने प्रकरण को जांच में लेते हुए लुटेरी दुल्हन की तालाश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार सिवनी निवासी दशरथ राजपूत अपने परिजनों के साथ कोर्ट मैरिज करने जबलपुर जिला न्यायालय पहंुचे थे। परंतु दुल्हन रेनू ने शर्त रखी कि पहले मंदिर में शादी होगी इसके बाद कोर्ट मैरिज। दुल्हन के अनुसार दशरथ ने पहले मंदिर में शादी की फिर कोर्ट में नोटरी कराई।
पहले भी कर चुकी है शादी
दूल्हा दशरथ राजपूत ने पुलिस को बताया कि रेनू की नाम लड़की ने खुद को परसवाड़ा निवासी बताया था लेकिन बाद में पता चला कि वह रांझी में रहती है। उसकी शादी रेनू की मौसी के माध्यम से तय हुई थी। मौसी द्वारा बताया गया था कि रेनू का कोई नहीं है सिर्फ वह है।

35 हजार और जेवरात में तय हुआ था सौदा
बताया जा रहा है कि सिवनी निवासी दशरथ राजपूत और उसके परिवार से लुटेरी दुल्हन और उसकी मौसी ने 35 हजार नगद और जेवरात पर शादी करने का सौदा तय हुआ था।

शादी करके कुछ दूर गाड़ी में बैठी फिर बताया बहाना
दशरथ राजपूज ने बताया कि लुटेरी दुल्हन ने उसे धोखा किया। पूरी रीति रिवाज से मंदिर में शादी हुई और जब शादी के बाद गाड़ी में घर जाने लगे तो रेनू ने बहाना बताया कि उससे बैठते नहीं बन रहा है। गाड़ी रूकवाकर वह उतरी और पीछे आ रही गाड़ी में बैठकर फरार हो गई।








