चार मौतों के बाद भी प्रशासन गहरी निद्रा में, लमतरा ओवर ब्रिज के पास ब्लैक स्पॉट में नहीं हुआ सुधार, न डिवाइडर लगे, न संकेतक बोर्ड

कटनी, यशभारत। कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत लमतरा ओवरब्रिज के पास बीती 14 जून को हुए भीषण सडक़ हादसे के बाद भी स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी गहरी निद्रा में है। हाइवा और यात्री बस की आमने-सामने की भिड़ंत में चार बेकसूर यात्रियों की जान चली गई थी और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस रूह कंपा देने वाले हादसे को बीते कई दिन हो चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट में सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। घटनास्थल पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। सडक़ के बीचोंबीच मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों की मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि आधे मोड़ के साथ सडक़ के किनारे करीब 20 फीट गहरा खाई है, जहां सुरक्षा के लिहाज से तत्काल मजबूत डिवाइडर या क्रैश बैरियर लगाया जाना अनिवार्य था लेकिन प्रशासन ने वहां सुरक्षा घेरा बनाना तो दूर वाहन चालकों को सचेत करने के लिए कोई रिफ्लेक्टर या सांकेतिक बोर्ड तक नहीं लगाया है। रात्रि के समय यहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो जाती है।
ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही का खामियाजा
स्थानीय लोगों के मुताबिक ओवरब्रिज का निर्माण करते समय इसके नक्शे में भारी तकनीकी लापरवाही बरती गई। सडक़ का नक्शा गलत काटे जाने के कारण यहां एक बेहद खतरनाक और अंधा मोड़ बन गया है, जहाँ सामने से आने वाला वाहन तब तक दिखाई नहीं देता, जब तक वह बिल्कुल करीब न आ जाए। इसके साथ ही सडक़ की चौड़ाई भी बेहद कम है। यही कारण है कि यहां आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं आम बात हो चुकी हैं।
कभी भी हो सकता है हादसा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी तबाही का इंतजार करता है। 14 जून की घटना ने कई परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। यदि समय रहते इस खूनी मोड़ की मरम्मत नहीं कराई गईए गड्ढे नहीं भरे गए और मोड़ के समीप सुरक्षा डिवाइडर नहीं लगाए गएए तो यहाँ दोबारा किसी बड़ी और दर्दनाक दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक उदासीनता का यह आलम तब है, जब जनप्रतिनिधियों ने ब्लैक स्पॉट्स को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।







