चलती ट्रेन से धक्का देने का आरोप : गर्भवती महिला गंभीर , जिला अस्पताल में भर्ती

सतना यश भारत । राजकोट में हुए रेल हादसे में गंभीर रूप से घायल एक गर्भवती महिला को उपचार के लिए शुक्रवार को सतना जिला अस्पताल लाया गया। पीड़िता ने अपने पति पर चलती ट्रेन से धक्का देकर जान से मारने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं जिला अस्पताल में इलाज में देरी और निजी अस्पताल भेजने की कोशिश को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मानिकपुर निवासी प्रीतम यादव ने बताया कि उनकी बहन 12 जून को अपने पति विनोद यादव के साथ रोजगार की तलाश में सतना से राजकोट गई थी। महिला का आरोप है कि राजकोट पहुंचने के बाद उसके पति ने चलती ट्रेन से उसे धक्का दे दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पति ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और मायके पक्ष को सूचना दी।
सूचना मिलने पर सतना जिले के करमऊ गांव से परिजन राजकोट पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद महिला को बेहतर इलाज के लिए सतना लेकर आए। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद से उसके पति का मोबाइल बंद है और उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। महिला ने यह भी बताया कि वह तीन माह की गर्भवती है।
इधर, जिला अस्पताल में इलाज को लेकर भी परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोपहर करीब दो बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद शाम पांच बजे तक महिला को न तो भर्ती किया गया और न ही बेड उपलब्ध कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान एक आशा कार्यकर्ता ने यह कहते हुए महिला को निजी ऑर्थोपेडिक क्लीनिक ले जाने का प्रयास किया कि जिला अस्पताल में उपचार संभव नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। मामला बढ़ने के बाद आशा कार्यकर्ता वहां से चली गई।
विवाद की जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ। डॉ. शरद दबे के निर्देश पर घायल महिला को वार्ड क्रमांक-5 में भर्ती कराया गया तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों को भी जांच और आवश्यक उपचार के निर्देश दिए गए हैं।







