मध्य प्रदेशराज्य
ग्रामीणों ने लगाया वनकर्मियों पर वनग्राम में रकवा कम करने का आरोप : महापंचायत लगाकर न्याय की लगाई गुहार

यशभारत डिंडौरी|आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले के वन परिक्षेत्र करंजिया पूर्व अंतर्गत ग्राम बिझौरी में ग्रामीणों ने एक महासभा का आयोजन किया गया, जिसमें बाओली, चौरादादर, खारीडीह सहित अनेक वनग्रामों से आए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वनविभाग के कर्मचारियों द्वारा बीस वर्ष पूर्व आबंटित ज़मीन पर पट्टा ज़ारी किए जाने के बाद अब हमारे पट्टे में सुधार कर अनेक मेढ काट दिया गया है और वनग्राम में आवंटित पट्टा में वनकर्मियों के द्वारा छेड़खानी करते हुए लाल गोल लगाकर सुधार भी किया गया है जिससे उनका रकबा घटा दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार उनके पूर्वज इस जमीन पर सैकड़ों साल से खेती कर रहे हैं तथा इसी से उनकी जीविका चलती है। महासभा में वनग्राम में निवासरत ग्रामीणों को इस मामले में समझाइश देनें के लिए आदिवासी समाज के समाजसेवी महेंद्र परस्ते ने बताया कि लगातार आदिवासी समुदाय के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है और वनविभाग द्वारा उनकी जमीनों का रकबा घटाया जाना उनके साथ छल जैसा है। आपकों बता दें कि ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को लेकर जिला कलेक्टर, वन मंडलाधिकारी, क्षेत्रीय विधायक सहित जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया है पर जिसमें उन्होंने जिक्र किया है कि वन अधिकार अधिनियम 2005 के तहत वनविभाग से उन्हें पट्टा जारी किया गया था जिनका किसान कृषि कार्य में सार्वजनिक रूप से उपयोग कर रहे हैं पर उन्हें भू अधिकार अधिनियम के तहत प्रदान की गई भूमि में से वर्तमान समय में नाप के दौरान उनके रकबे कम कर दिए गए हैं। दर्जनों ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में कलेक्टर को आवेदन दिया था जिसमें अभी तक उनकी समस्या का किसी ने समाधान नहीं किया।
इनका कहना हैं…
हमारे गांव के दर्जनों ग्रामीणों के पट्टे से ज़मीन कम कर दी गई है, यह हम आदिवासियों के साथ अन्याय है हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें न्याय दिलाया जाए- यशवंत पाटले, ग्रामीण
वन अधिकार अधिनियम 2006 के अनुसार उन्हें जो भू अधिकार मिलना चाहिए उसमें उनके पट्टे पर सुधार किया गया है जिसके चलते उनके रकबे कम हो गये है, जिसके चलते बिजोरी ग्राम में ग्रामसभा लगाकर ग्रामीणों से चर्चा की गई है – महेंद्र परस्ते, समाजसेवी
मुझे इस विषय में अभी तक जानकारी नहीं मिली है, आपने जानकारी दी है जिसकी जांच करके की बता सकते हैं l
कौसंबी झा, वन परिक्षेत्र अधिकारी करंजिया पूर्व







