सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ कहा जाता है कि पुलिस जब संकल्प लेती है तो अपराधियों को पाताल से भी खोज निकालती है। अपने इसी संकल्प को दोहराते हुए सागर की गोपालगंज पुलिस ने एक ऐसी इबारत लिखी है जिसमें फिल्म जैसा रोमांच और गजब की गोपनीयता है।
सागर जिला पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शाहवाल व एडीशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा के कुशल निर्देशन और थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने 15 साल से फरार 30 हजार के इनामी पैरोल जंपर अब्दुल जाहिद को धर दबोचा है। यह उसी टीम की दूसरी बड़ी उपलब्धि है, जिसने हाल ही में ‘ऑपरेशन जयपुर’ को अंजाम दिया था।
मिशन की ‘भनक’ तक नहीं
पुलिस ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए पेशेवर मर्यादा और मिशन की सफलता के लिए टीम ने कानों-कान खबर भी नहीं लगने दी कि वे कुछ ही घंटों में एक बड़े ‘इंटर-स्टेट’ ऑपरेशन को अंजाम देने वाले हैं। खाकी का यह संयम ही था कि अपराधी को भनक लगने से पहले ही पुलिस उसकी दहलीज पर पहुँच गई।
रात भर का सफर और जयपुर में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
गोपनीयता के साथ-साथ इस टीम के जुनून की दास्तान भी बेमिसाल है। आंखों में नींद की जगह ‘वर्दी का फर्ज’ लिए SI नीरज जैन और उनकी टीम ने रात भर सड़क मार्ग से सफर तय किया। बिना रुके, बिना थके यह टीम सुबह होते ही जयपुर की भीड़भाड़ वाली गलियों में जा घुसी। वहां जिस फिल्मी और ताबड़तोड़ अंदाज में पहले 30 हजारी भाई अब्दुल राशिद को दबोचा गया, उसने सागर पुलिस की साख को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
जयपुर फतह के बाद अब शनिचरी में ‘सटीक फील्डिंग’
राजस्थान मिशन की थकान अभी उतरी भी नहीं थी कि इस जांबाज टीम ने अपनी दूसरी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। 2011 से पैरोल जंप कर गायब चल रहे दूसरे भाई अब्दुल जाहिद के बारे में जैसे ही इनपुट मिला, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा की रणनीति पर टीम फिर से सक्रिय हो गई। शनिचरी के हनुमान अखाड़े के पास ऐसी घेराबंदी की गई कि 15 साल से पुलिस को छका रहा अपराधी लाठी टेकते हुए सीधा जाल में फंस गया।
टीम वर्क और जांबाजी की मिसाल
यह सफलता गोपालगंज पुलिस के अटूट टीम वर्क और नेतृत्व का परिणाम है। इस पूरे घटनाक्रम में जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के तौर पर एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा व सीएसपी ललित कश्यप का मार्गदर्शन मिला, वहीं मैदानी स्तर पर उप निरीक्षक नीरज जैन, कंट्रोल रूम से आरकेएस चौहान, और प्रधान आरक्षक दीपक व्यास, अनिल प्रभाकर, यशवंत यादव, आशीष गौतम, कैलाश सेन सहित पूरी टीम ने जो तत्परता दिखाई, वह काबिले तारीफ है।
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