करोड़ों का बजट, पहली ही बारिश में बहा ‘भरोसा’ : नौनिहालों की सुरक्षा पर दरारें, सांदीपनी स्कूल में पहली बारिश ने धोया निर्माण का दावा
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

यशभारत डिंडौरी।करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए सांदीपनी विद्यालय भवन में पहली बारिश के बाद ही सीपेज और दीवारों में दरारें दिखाई देने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित भवन में बारिश के बाद कई स्थानों पर दीवारों और छत से पानी रिसने की स्थिति सामने आई है। वहीं, कुछ हिस्सों में दरारें भी दिखाई दे रही हैं।
भवन निर्माण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना था, लेकिन पहली ही बारिश में सामने आई स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन की दीवारों पर नमी और सीपेज के निशान स्पष्ट नजर आ रहे हैं। इससे भवन की मजबूती और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
पहली बारिश में ही सामने आई खामियां
बारिश के बाद भवन के कई हिस्सों में पानी का रिसाव दिखाई दिया। दीवारों और छत पर सीपेज के साथ कुछ स्थानों पर दरारें भी नजर आईं। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों के पालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भवन की स्थिति की जांच कराने और जांच में निर्माण संबंधी खामी या लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि भवन में सीपेज और दरारें किन कारणों से आईं, निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।
करोड़ों की लागत से बने भवन में पहली बारिश में सामने आई ये खामियां निर्माण की गुणवत्ता की जांच का विषय जरूर बन गई हैं।







