करणी सेना और आजाद समाज पार्टी के बीच तनाव: ओकेंद्र राणा के काफिले पर लाठीचार्ज, पुलिस हिरासत में

सागर , यशभारत lशहर के मोतीनगर चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद विवाद की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करणी सेना के नेता ओकेंद्र सिंह राणा को हिरासत में लेकर मोतीनगर थाने पहुँचा दिया।

घटना की मुख्य वजह अंबेडकर चौक पर आयोजित आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव की सभा थी, जिसका करणी सेना लगातार विरोध कर रही थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से रायसेन और सागर जिले की सीमाओं पर ओकेंद्र सिंह राणा के काफिले को रोकने का प्रयास किया था। हालाँकि, वे पुलिस की नाकेबंदी को पार करते हुए सागर शहर के मोतीनगर चौराहे तक पहुँचने में सफल रहे। चौराहे पर पुलिस ने जब पुनः काफिले को रोका, तो कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद विवाद गहरा गया।
सोशल मीडिया पर जुबानी जंग और पुराना विवाद
दोनों गुटों के बीच यह तनातनी नई नहीं है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था।
इससे पहले 3 सितंबर को भी दामोदर यादव का सागर दौरा प्रस्तावित था, लेकिन दोनों संगठनों के बीच बढ़ते तनाव और सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाज़ी के कारण प्रशासन ने उस दौरे को रद्द करा दिया था।
काफिले के साथ पहुँचे यादव, रास्ते में रोका-टोकी
तनावपूर्ण माहौल के बीच दामोदर यादव अपने समर्थकों और गाड़ियों के काफिले के साथ सागर जिले की सीमा में प्रविष्ट हुए। दूसरी ओर, करणी सेना के कार्यकर्ता भी उनका रास्ता रोकने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए बाहर से आ रहे करणी सेना कार्यकर्ताओं को मंडी बामौरा व अन्य चेकपोस्टों पर ही रोक दिया और वापस भेज दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र नारेबाजी की गई।
किसी भी अप्रिय घटना या हिंसक झड़प को टालने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। संवेदनशील चौराहों और मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी गई। ट्रैफिक डायवर्ट कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से दोनों पक्षों के बीच सीधा टकराव टल गया, हालांकि क्षेत्र में अब भी तनाव और जुबानी जंग का माहौल बना हुआ है।







