आयुध निर्माणी में धूमधाम से मनाया गया दुर्गोत्सव, बंगाली समिति ने श्रद्धा के साथ किया दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन

कटनी, यशभारत। कटनी बंगाली समिति द्वारा इस वर्ष 78वां श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव अत्यंत हर्ष, उल्लास, भव्यता और पारंपरिक विधि विधान के साथ संपन्न हुआ। 16 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ यह 6 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 21 अक्टूबर तक पूरी श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया, जिसके उपरांत नम आंखों और माता के जयकारों के बीच प्रतिमा विसर्जन संपन्न हुआ। महोत्सव की शुरुआत आयुध निर्माणी के कार्यकारी निदेशक नीलाद्री विश्वास की उपस्थिति में हुई। इस अवसर पर अंकुर विद्या मंदिर की अध्यक्ष श्रीमती समीरा गुप्ता विश्वास, राजेश पांडे, श्रीमती मोना पांडे, श्रीमती भूमिता वासनिक एवं श्रीमती दीपाली वानखेड़े की उपस्थिति में पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। पूजा के सफल एवं सुचारू संचालन में बंगाली समिति के पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष सुमंत कुमार बसाक, सह अध्यक्ष असीम कुमार राय व उत्पल चटर्जी, सचिव विपुल दास, सहसचिव सुमंत कुमार सील व सुमित साह तथा कोषाध्यक्ष कौशिक माजी ने आयोजन की समूची व्यवस्थाओं का कुशल नेतृत्व किया। षष्ठी से लेकर विजयादशमी तक चले इस पावन पर्व के दौरान प्रतिदिन पुष्पांजलि, संधि पूजा, महाभोग वितरण, ढाक की थाप पर पारंपरिक धुनुची नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सिंदूर खेला की रस्म में महिलाओं ने बढ़ चढक़र भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों अघ्र्यादीप घोष, प्रियव्रत विश्वास, मृणाल बनर्जी, विश्वनाथ दत्ता, समीर गोस्वामी, देवल गोस्वामी, शांतनु दत्ता, शांतनु बैनर्जी, प्रवीण घोष, सुभाषिस सेनगुप्ता, जी के राय, प्रदीप बनर्जी, अमिताभ दत्ता, प्रदीप कुमार राय, तापस पाल, पी के मंड्रे, रंजीत हजारी, दीपंकर मुखर्जी, विद्युत मुखर्जी, सुरोजित विश्वास सुकुमार आदक तथा सुजीत मित्रा, श्रीमती चम्पा वसाक, श्रीमती रिसा बनर्जी, श्रीमती रूबी चटर्जी, श्रीमती सोनाली सेनगुप्ता, श्रीमती शर्मिष्ठा घोष, श्रीमती प्रतिभा गोस्वामी, श्रीमती अर्पिता मुखर्जी, श्रीमती नीतू सिल, श्रीमती रिंकू मंद्रे, श्रीमती सुप्रीति माजी, श्रीमती रानी पाल, श्रीमती रूसा बनर्जी, श्रीमती काजोल मुखर्जी, श्रीमती शीला राय, श्रीमती शिखा बनर्जी, श्रीमती महुआ दासगुप्ता आदक, एस विण्साऊ परिवार ने पूजा अर्चना व प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 21 अक्टूबर को माता रानी के विसर्जन के साथ यह 78वां दुर्गोत्सव शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ।







