आपत्तिजनक मांग ठुकराने पर छिनी नौकरी: CMO पर महिला कर्मी का गंभीर आरोप; कलेक्टर ने भेजा निलंबन प्रस्ताव

रीवा । चाकघाट नगर परिषद के CMO शंखधर पांडेय पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से आपत्तिजनक डिमांड करने का आरोप लगा है। महिला ने शिकायत में कहा है कि CMO ने उससे दो घंटे कमरे में साथ रहने को कहा और भरोसा दिलाया कि किसी को पता नहीं चलेगा। इस बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है।
महिला का आरोप है कि उसने डिमांड मानने से इनकार किया तो उसे नौकरी से हटा दिया गया। मामले में मंगलवार को महिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास पहुंची। कलेक्टर ने SDM से जांच कराई। जांच में महिला की शिकायत सही पाई गई। इसके आधार पर कलेक्टर ने CMO के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय भेज दिया है।
CMO रैंक के अधिकारी के निलंबन का अधिकार कमिश्नर के पास होता है। हालांकि, ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस संदर्भ में हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने CMO के साथ नगर परिषद अध्यक्ष विभव कुमार जायसवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला के मुताबिक, वह 15 मार्च 2018 से चाकघाट नगर परिषद में दैनिक वेतन पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थी। उसने शिकायत में बताया कि 18 जून 2026 को कार्यालय में उसकी टेबल पर रखा कंप्यूटर अध्यक्ष और CMO उठाने लगे। इस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई।
महिला का आरोप है कि उसे नौकरी से हटाने की धमकी भी दी गई। महिला ने कहा कि कार्यालय में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से इस घटना की पुष्टि की जा सकती है।
महिला का कहना है कि कथित डिमांड को नहीं मानने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। उसने आरोप लगाया कि CMO ने बैकडेट में पत्र जारी कर उसे नौकरी से हटा दिया। शिकायत के मुताबिक, 24 जून 2026 से उसकी ऑनलाइन उपस्थिति आईडी भी हटा दी गई। महिला ने करीब छह महीने से वेतन नहीं मिलने और करीब ढाई साल से EPF की राशि खाते में जमा नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है
महिला ने शिकायत में नगर परिषद में वर्ष 2023 में हुई दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्तियों का भी जिक्र किया है। उसके अनुसार, तत्कालीन CMO केएन सिंह के कार्यकाल में हुई इन नियुक्तियों की बाद में जांच हुई थी।
महिला का आरोप है कि इसी मामले में उस पर तत्कालीन CMO केएन सिंह के खिलाफ व्यक्तिगत और चरित्र संबंधी आरोप लिखकर अधिकारियों को देने का दबाव बनाया गया था। उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। महिला के मुताबिक, इसके बाद विवाद बढ़ा। उसने दावा किया कि CMO के कहने पर उसने स्टाफ के सामने माफी भी मांगी, लेकिन बाद में उसे नौकरी से हटा दिया गया।
महिला के मुताबिक, वह मामले में पहले चाकघाट थाना प्रभारी, श्रम पदाधिकारी रीवा, कलेक्टर, नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक और SP को आवेदन दे चुकी है।अब उसने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त से मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, नौकरी वापस दिलाने और वेतन व EPF से जुड़े मामले की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल ऑडियो में अधिकारी की आवाज की पुष्टि और बातचीत का पूरा संदर्भ जांच का विषय है। महिला के अन्य आरोपों पर भी संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जानी बाकी है।






