आधुनिक खेती को मिलेगा नया बल , प्रदेश की हर विधानसभा में खुलेंगे कृषि यंत्र किराया केंद्र, छोटे किसानों को कम लागत में मिलेंगे आधुनिक उपकरण

आधुनिक खेती को मिलेगा नया बल , प्रदेश की हर विधानसभा में खुलेंगे कृषि यंत्र किराया केंद्र,
छोटे किसानों को कम लागत में मिलेंगे आधुनिक उपकरण
भोपाल, यश भारत। मध्य प्रदेश सरकार छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में कम से कम एक कस्टम हायरिंग सेंटर (कृषि यंत्र किराया केंद्र) स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे नाममात्र के किराए पर आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सकेंगे। सरकार के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में 52 से उपर कृषि यंत्र किराया केंद्र संचालित हैं। आगामी वर्षों में हर साल 1 हजार से ज्यादा नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल को कृषक कल्याण वर्ष 2026 की प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है।मध्य प्रदेश कृषि यंत्र निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विदिशा जिला इस दिशा में एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है जहां करीब 150 इकाइयों में ग्रेडर लेवलर हाइड्रोलिक ट्रॉली कल्टीवेटर प्लाऊ और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण तैयार किए जा रहे हैं। यहां निर्मित मशीनों की मांग देश के कई राज्यों के साथ विदेशों तक पहुंच रही है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से खेती की लागत घटेगी उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ छोटे किसानों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।






