अब भारी पड़ रही मानसून की बेरूखी, अभी तक पूरी तरह से सक्रिय नहीं हुआ मानसून, किसानों में चिंता की लकीरें, मौसम विभाग ने कहा : एक्टिव होने जा रहा नया वेदर सिस्टम

कटनी, यशभारत। सही समय पर दस्तक देने के बाद भी मानसून अभी तक पूरी तरह से सक्रिय नहीं हो सका है। मानसून की बेरूखी अब भारी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहा है तो वहीं शहर मेंं उमस और बैचेनी से लोगों का बुरा हाल है। दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है लेकिन रात बमुश्किल निकल रही। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों से रात के समय शहर के पहरूआ और एनकेजे फीडर में बिजली का आंखमिचौली का भी खेल चल रहा है। थोड़ा सा तेज हवाएं चलते ही पूरे इलाके की बिजली बंद हो जाती है। फाल्ट खोजकर सुधारने में भी घंटो लग रहे हैं। आलम यह है कि लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ रही है। उधर दूसरी तरफ मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो दिनों यानी 2 जुलाई में मानसून के तेजी के साथ सक्रिय होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिससे कुछ दिन तेज बारिश होगी। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इनके साथ ही कटनी सहित अन्य जिलों में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी रेखा अभी भी सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज के उसी बिंदु पर है, जहां 23-24 जून को थी। अगले दो दिनों में इसके उत्तर-पश्चिम में और आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। यह सिस्टम आगे बढ़े तो भोपाल सहित दूसरे जिलों को भी राहत मिलेगी।
आज भी नहीं मिली राहत
सामान्य तौर पर जेठ महीने के दूसरे हिस्से को बरसात के मौसम में गिना जाता है। बारिश होती है तो तापमान में गिरावट आती है। इस बार मानसून के देरी से आने और उसके आगे नहीं बढऩे की वजह से अधिकतर जिलों के लिए यह पूरा महीना लगभग सूखा बीत गया। इसकी वजह से तापमान असामान्य रूप से बढ़ा है। हालात ऐसे हैं कि रातें भी तप रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कटनी जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस मापा गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार वातावरण में नमी तो पहुंच गई लेकिन व्यापक बारिश न होने से वही नमी धरती की सतह से गर्मी को बाहर नहीं निकलने दे रही है, इसलिए रात का तापमान भी असामान्य रूप से ऊंचा बना हुआ है।







