अब पटवारियों के नहीं, शासन के नाम होगी रजिस्ट्री, विरोध के बाद स्वामित्व योजना में सरकार ने किया बदलाव

कटनी, यशभारत। प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब संबंधित संपत्तियों की रजिस्ट्री पटवारी के नाम पर नहीं, बल्कि शासन के नाम पर की जाएगी। पटवारियों की नाराजगी के बाद सरकार ने यह व्यवस्था बदलने का फैसला किया है। बताया जाता है कि इस संबंध में अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में पटवारियों को कोई परेशानी नहीं होगी। विदित हो कि विगत 17 सितंबर को स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ किया गया था। योजना के तहत कटनी जिले में एक लाख 5 हजार निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाना है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का वैध दस्तावेज उपलब्ध कराना है, जिनके पास मालिकाना हक तो है लेकिन पंजीकृत दस्तावेज नहीं हैं। पंजीयन के लिए हितग्राहियों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवारों को घर निर्माण, कारोबार, खेती और अन्य आर्थिक जरूरतों के लिए ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।






