अफसानों में दिखेगा बदलते समाज का आईना, स्त्री विमर्श पर होगी खुली चर्चा 5 सितंबर को अफसाने का अफसाना में देशभर के साहित्यकार करेंगे कहानी पाठ और विचार विमर्श

अफसानों में दिखेगा बदलते समाज का आईना, स्त्री विमर्श पर होगी खुली चर्चा
5 सितंबर को अफसाने का अफसाना में देशभर के साहित्यकार करेंगे कहानी पाठ और विचार विमर्श
भोपाल, यश भारत। बदलते सामाजिक परिवेश में स्त्री की भूमिका पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों में आ रहे बदलावों को साहित्य के नजरिए से समझने के लिए भोपाल में विशेष आयोजन होने जा रहा है। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में साहित्यिक श्रृंखला अफसाने का अफसाना के तहत 5 सितंबर को स्त्री विमर्श और संस्कारों के बदलते हुए कथानक विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम दोपहर 3 बजे संस्कृति भवन स्थित मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी बाणगंगा चौराहा में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे सेवानिवृत्त आईएएस मनोज श्रीवास्तव करेंगे। वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अनुराधा शंकर मुख्य अतिथि रहेंगी। कार्यक्रम में अलीगढ़ दिल्ली और भोपाल के साहित्यकार व अफसाना निगार सिराज अजमली, निगार अजीम अफशां मलिक चंद्रभान राही और डॉ. अंबर आबिद विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही साहित्यकार अपनी कहानियों का पाठ भी करेंगे। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली की शगुफ्ता यास्मीन करेंगी। आयोजन के जरिए साहित्य में स्त्री विमर्श के बदलते स्वरूप और सामाजिक बदलावों के कथा साहित्य पर पड़ रहे प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। स्त्री की बदलती सामाजिक भूमिका अधिकारों के प्रति जागरूकता पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों के बदलते रिश्तों जैसे मुद्दों पर अफसानों के माध्यम से संवाद होगा। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने साहित्यप्रेमियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस साहित्यिक संवाद का हिस्सा बनने की अपील की है।







