अतिथि शिक्षकों ने भरी हुंकार : डीपीआई में किया धरना प्रदर्शन

तेंदूखेड़ा यशभारत। पिछले 10 दिनो से नरसिंहपुर जिले से सैकड़ों की संख्या में अतिथि शिक्षक धरना दे रहे हैं। विगत 16-17 वर्षों से मप्र शासन के द्वारा अतिथि शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अल्प वेतनमान पर उनसे कार्य लिया जाता है और उसके बदले में पारिश्रमिक भी कई महीनो के इंतजार के बाद उन्हें प्रदान किया जाता है।
अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों द्वारा लगातार 16-17 वर्षों से प्रदेश स्तर से लेकर जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालय तक धरना प्रदर्शन महापंचायतें आयोजित हो चुकी है परंतु नियमितीकरण के लिए आज भी शासन प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। लोक शिक्षण संचनालय डीपीआई भोपाल में अतिथि शिक्षकों द्वारा शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है, हमारे प्रतिनिधि को अतिथि शिक्षक संघ संगठन के वरिष्ट प्रांत कार्यकर्ता एवं नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष एस के सोनी ने बताया कि विगत दिवस आजाद अतिथि शिक्षक संघ के तत्वाधान में संचालित क्रमिक अनिश्चित कालीन ध्यान आकर्षण धरना लोक शिक्षण संचालनालय डीपीआई गौतम नगर भोपाल के प्रांगण चल रहा है। धरना में 8 वें दिन जिले की टीम ने सहभागिता प्रदान की। ध्यानाकर्षण कार्यक्रम में जिला नरसिंहपुर सहित जबलपुर और मंदसौर जिले की अतिथि शिक्षक व अन्य जिलों से भी अतिथि शिक्षक सम्मिलित हुए। 02 सितंबर 23 अतिथि शिक्षक महापंचायत के वादों और अन्य मांगों के निराकरण में अपनी आवाज को बुलंद किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले से हैं एवं वे अतिथि शिक्षकों की समस्याएं पिछले डेढ़ दशक से जान रहे हैं, ऐसे में जिले और गाडरवारा विधानसभा के अतिथि शिक्षकों व नागरिकों को उम्मीद है कि इतने लम्बे संघर्ष के बाद अतिथि शिक्षकों अन्य राज्यों के भाँति नीति बनाकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाएगा, एवं 2 सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षक महापंचायत के सभी वादे सीनियारिटी और अनुभव के आधार पर बोनस अंक इत्यादि देकर पूरे किए जाएंगे। जो अतिथि शिक्षक स्कूलों से बाहर कर दिए जाते हैं उन्हें वापस सेवा में नियोजित किया जावे, इसके लिए उनके स्कोर कार्ड में 10 अंक प्रति वर्ष के अनुसार दर्ज किया जावे। अन्य मांगे एक साल की संविदा, 50 प्रतिशत आरक्षण एवं गुरुजी के जैसी विभागीय परीक्षा इत्यादि है।
15, 16 सालों से अतिथि शिक्षक बनकर सेवा करने के बाद उनके पास दूसरा काम हाथ में नहीं रह पाता है ऐसे में वह इस उम्र कहां रोजगार तलाश करें । अत: उचित नीति बना कर उनके साथ न्याय किया जावे। ऐसी सभी बातें ज्ञापन सोपते समय डीपीआईआयुक्त के प्रतिनिधि उपसंचालक महोदय के समक्ष रखी गयी। संचालक ने विस्तार से सभी बातें सुनी उन्होंने कहा कि आप की उन सभी बातें को सरकार तक पहुंचाते हैं।
यह भी कहा कि आप लोगों के मानदेय लिए कम आबंटन आ रहा था, कोशिश करके आबंटन की राशि बढ़ावा दी गयी है और 10 दिन के अंदर भुगतान करने के आदेश दिए हैं । अतिथि शिक्षक के वरिष्ठ प्रांत कार्यकर्ता एसके सोनी ने कहा प्रदेश की राजधानी भोपाल में हमारा संघर्ष और ध्यानाकर्षण धरना आगे भी पुरी संख्या बल के साथ गतिशील रहेगा। शीघ्र ही नरसिंहपुर जिला स्तर पर चारों बिधायको से मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
धरना कार्यक्रम में नरसिंहपुर से बृजेंद्र नेमा, सचिन शर्मा, रामेश्वर मेहरा, प्रदीप विश्वकर्मा, तेजेंद्र मालवीय, महेश वर्मा, सतीश मेहरा, शशिकांत मिश्र, अंजना राजपूत, नेहा शर्मा, वन्दना राय, राजकुमार राजपूत, उमाशंकर कहार, देवराज गुर्जर, लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, सूरज राजपूत, प्रमोद राय, प्रदीप मदारे, रत्नेश मिढोतिया, अरुण पाठक, मनीष त्रिपाठी, इब्राहिम खान, रामगोपाल कौरव, भकतेश कौरव, विनोद कौरव, दीपक उपाध्याय, सहित अनेको अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।







