यशभारत की खास खबर : जनगणना 2027 – नगरीय निकायों से मांगी सीमाओं की जानकारी, लोकसभा और विधानसभा के परिसीमन में मिलेगी मदद, तहसीलों में बनाए गए चार्ज अधिकारी, जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल
(आशीष रैकवार)

कटनी, यशभारत। केन्द्र सरकार द्वारा 2027 में होने वाली जनगणना के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किए जाने के साथ ही कटनी जिले में भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले की सभी 9 तहसीलों में चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति करने के साथ ही अब गणना सुपरवाइजर भी बनाए जा रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो नगर निगम में आयुक्त, नगर परिषदों में मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और तहसीलों में तहसीलदारों को चार्ज अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनगणना 2027 के लिए सबसे पहले जिला प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों से उनकी सीमाओं की जानकारी मांगी है। सीमाओं की जानकारी इसलिए भी एकत्रित की जा रही है, जिससे यह पता चल सके, पिछले कुछ वर्षों में नगरीय निकायों की सीमाओं में वृद्धि हुई है या नहीं। इससे लोकसभाओं और विधानसभाओं के परिसीमन में भी आसानी होगी और यह पूरा डाटा परिसीमन करने में मदद करेगा।
1 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया
विदित हो कि जनगणना की यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी की जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में होगी। यह जनगणना सिर्फ आंकड़ों की गिनती नहीं होगी, बल्कि नीतियों राजनीति और सामाजिक ढांचे को नई दिशा देने वाला डेटाबेस तैयार करेगी। केंद्र सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पिछले दिनों इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी।
दो चरणों में होगी जनगणना
अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी विंकी सिंहमारे ने यशभारत को बताया कि दो चरणों में जनगणना का काम पूरा कराया जाएगा। पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसेस) 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान घरों की सूचीबद्धता, निर्माण सामग्री, स्वामित्व, बुनियादी सुविधाओं आदि का डेटा जुटाया जाएगा। प्रत्येक राज्य, केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिनों की अवधि में काम पूरा होगा। लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले सेल्फ एन्यूमरेशन ऑनलाइन स्व-जानकारी भरने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
फरवरी 2027 में दूसरा चरण
बताया जाता है कि दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें आबादी, जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार आदि की गिनती होगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के जरिए डेटा कलेक्ट करेंगे, जो रीयल-टाइम में ट्रांसफर होगा। यह पहली बार होगा, जब आजादी के बाद जाति गणना शामिल होगी।
जियो टैगिंग और आधार लिंक
जनगणना से कई दूसरे फायदे भी होंगे। जैसे आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से बाढ़, भूकंप या बादल फटने जैसी घटनाओं में सटीक राहत पहुंचेगी। घरों में रहने वालों की संख्या तुरंत पता चलेगी। परिसीमन में सहायता मिलेगी। संसदीय विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का बेहतर निर्धारण, ग्रामीण शहरी संतुलन सुनिश्चित किया जा सकेगा। स्कूल, अस्पताल, पार्क आदि की प्लानिंग में डेटा उपयोगी, कच्चे मकानों वाले इलाकों में इमरजेंसी सेवाएं शीघ्रता से पहुंच सकेगी। जनगणना में मैप बदलाव से शहरीकरण दर और पलायन पैटर्न साफ दिखेंगे। जियो टैगिंग और आधार लिंक से डुप्लिकेट नाम हटेंगे। वोटर लिस्ट मजबूत बनेगी।
पहले चरण के लिए 33 सवालों की लिस्ट तैयार
पहले चरण के लिए 33 सवालों की लिस्ट भी तैयार हो गई है, जो कि लोगों से पूछे जाएंगे। इसमे मकान की स्थिति, परिवार की जानकारी, वाहन स्वामित्व, इंटरनेट सुविधा, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय, एलपीजी कनेक्शन और मुख्य अनाज जैसी डिटेल्स शामिल हैं। परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। फरवरी 2027 में आबादी, जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार आदि की गिनती होगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी, जो नीति निर्माण, विकास योजनाओं और संसाधन वितरण में अहम भूमिका निभाएगी। प्रत्येक राज्य केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिनों की अवधि में काम पूरा होगा। लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले सेल्फ एन्यूमरेशन ऑनलाइन स्व जानकारी भरने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
इनका कहना है
जनगणना का पहला चरण एक अपै्रल से शुरू हो रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी 9 तहसीलों में चार्ज अधिकारियों को दायित्व सौंपने के साथ ही गणना सुपरवाइजर भी बनाए जा रहे हैं। नगरीय निकायों से सीमाओं की जानकारी मांगी गई है।
-विंकी सिंहमारे
अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी
ये 33 सवाल पूछ जाएंगे
01. भवन नंबर
02. मकान नंबर
03. मकान के फर्श में प्रमुख सामग्री
04. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
05. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
06. मकान के उपयोग
07. मकान की हालत
08. परिवार क्रमांक
09. परिवार के सदस्यों की संख्या
10. परिवार के मुखिया
11. परिवार के मुखिया का लिंग
12. अजा, अजजा, अन्य
13. मकान के स्वामित्व की स्थिति
्र14. मकान में कमरों की संख्या
15. परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या
16. पेयजल का मुख्य स्रोत
17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता
18. लाइट का मुख्य स्रोत
19. शौचालय की उपलब्धता
20. शौचालय का प्रकार
21. गंदे पानी की निकासी
22. स्नानघर की उपलब्धता
23. रसोईघर, एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन
24. खाना पकाने के लिए मुख्य ईधन
25. रेडियो, ट्रांजिस्टर
26. टेलीविजन
27. इंटरनेट सुविधा
28. लैपटॉप, कम्प्यूटर
29. टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन
30. साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड
31. कार, औप, वैन
32. मुख्य अनाज
33. मोबाइल नंबर







