
Christmas पर घर में क्रिसमस ट्री लगाने की शुरुआत कहां से हुई
आज भी निभाई जा रही यह परंपरा
क्रिसमस मनाने के लिए हम अपने घरों में क्रिसमस ट्री लगाते हैं। उसे अच्छे से सजाते है और फिर अपनों के साथ अपनी खुशियां बांटते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि क्रिसमस के दिन घरों में क्रिसमस ट्री लगाने की शुरुआत कब और कहां से हुई। आज हम आपको इस बारे में ही बताएंगे।

नहीं होगा पता, जान लें आज
क्या आपको पता है कि क्रिसमस के दिन घरों में क्रिसमस ट्री लगाने की शुरुआत कब और कहां से हुई। कुछ सदियों पहले क्रिसमस पर यह परंपरा नहीं थी।

शुरुआत कहाँ से हुई
अगर आपको इस बारे में नहीं पता तो चलिए हम आपको यह बता देते हैं। दरअसल, क्रिसमस ट्री लगाने की परंपरा की शुरुआत जर्मनी से शुरू हई।

कब हुई इसकी शुरुआत
इतिहासकारों के अनुसार 16वीं सदी में जर्मनी के ईसाई समुदाय ने सबसे पहले अपने घरों के अंदर देवदार के पेड़ को काटकर या लकड़ी के पिरामिड बनाकर उन्हें सजाना शुरू किया।

दुनिया में ऐसे फैली यह परंपरा
इन्हीं जर्मन परिवारों से घर-घर में क्रिसमस ट्री लगाने की परंपरा यूरोप के दूसरे देशों, फिर इंग्लैंड और बाद में अमेरिका और बाकी दुनिया में फैली।

किसने लोकप्रिय बनाया
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परंपरा को प्रोटेस्टेंट धर्म सुधारक मार्टिन लूथर से जोड़ते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पेड़ की शाखाओं पर मोमबत्तियां लगाकर उन्हें घर के अंदर सजाया।

आम लोगों तक कैसे पहुंची यह परंपरा
19वीं सदी में इंग्लैंड की रानी विक्टोरिया और उनके जर्मन पति प्रिंस अल्बर्ट के महल में लगे क्रिसमस ट्री की तस्वीरें छपने के बाद यह परंपरा शाही परिवार से आम लोगों तक और तेजी से फैल

क्रिसमस की रौनक
आज दुनिया के हर एक हिस्से में क्रिसमस खूब धूमधाम से मनाया जाता है और क्रिसमस ट्री हर सेलिब्रेशन का हिस्सा बनता है। बाजारों में क्रिसमस की रौनक 25 दिसंबर के कुछ दिन पहले से ही देखने को मिल जाती है।







