पुलिस की संवेदनशीलता से मिलेगा पीड़ित को न्याय: दो-दिवसीय कार्यशाला संपन्न

पुलिस की संवेदनशीलता से मिलेगा पीड़ित को न्याय: दो-दिवसीय कार्यशाला संपन्न
भोपाल, यशभारत। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से भोपाल में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। श्यामला हिल्स स्थित विशेष शाखा प्रशिक्षण संस्थान (इंट्रीगेटेड भवन) में 29 और 30 जनवरी को दो-दिवसीय रेंज स्तरीय प्रशिक्षण सेमीनार का आयोजन किया गया।
पांच जिलों के 50 पुलिस अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण दीपाली जैन, पुलिस अधीक्षक (अजाक रेंज भोपाल) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में भोपाल रेंज के पांच जिलों नगरीय भोपाल, देहात भोपाल, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ के करीब 50 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें डीएसपी से लेकर सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीआईजी (देहात रेंज) राजेश सिंह चंदेल द्वारा किया गया।
कानूनी बारीकियों और तकनीक पर रहा जोर प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने पुलिस विवेचना के आधुनिक और कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। मुख्य रूप से विधि अधिकारी मनीषा पटेल और विजय कुमार बंसल ने पुलिस विवेचना और कानूनी धाराओं की जानकारी दी। एसडीएम दीपक पाण्डेय और सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने जाति प्रमाण पत्र, राहत प्रकरणों और आदिम जाति कल्याण की योजनाओं पर विस्तार से बताया। साइबर अपराधों की चुनौतियों पर उनि. भरतलाल प्रजापति और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. एम.पी. भास्कर ने व्याख्यान दिया।
SP दीपाली जैन कार्यशाला के दौरान एसपी दीपाली जैन ने स्वयं कमान संभालते हुए अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विशेष रूप से MPTAAS पोर्टल, जाति प्रमाण पत्र के आवेदन और FIR लेखन के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों के प्रति आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत प्रकरणों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तर की सही जानकारी होने से ही पीड़ितों को समय पर आर्थिक और सामाजिक न्याय मिल पाएगा।
सेमीनार का समापन एसपी दीपाली जैन और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मंजूलता खत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नोडल अधिकारी मंजू चौहान (एसडीओपी ईंटखेड़ी) और एस.एन. मुकाती (एसीपी अजाक) सहित कार्यालयीन स्टाफ का विशेष योगदान रहा।







