उज्जैन में भक्ति और संस्कृति का महाकुंभ: 12 फरवरी से 139 दिवसीय विक्रमोत्सव का आगाज

उज्जैन में भक्ति और संस्कृति का महाकुंभ: 12 फरवरी से 139 दिवसीय ‘विक्रमोत्सव’ का आगाज
महाशिवरात्रि पर संगीतकार प्रीतम बिखेरेंगे सुरों का जादू; ₹1 करोड़ 1 लाख के ‘विक्रमादित्य अलंकरण’ से सजेगा महोत्सव
भोपाल,यशभारत। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। आगामी 12 फरवरी से विश्व प्रसिद्ध ‘विक्रमोत्सव 2026’ का शुभारंभ होने जा रहा है। 139 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक होगा, बल्कि इस बार इसमें जल संरक्षण का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा।
संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि यह आयोजन 30 जून तक दो चरणों में चलेगा। उत्सव का मुख्य आकर्षण महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने वाला ‘शिवोऽहम’ कार्यक्रम होगा, जिसमें मशहूर संगीतकार प्रीतम अपनी प्रस्तुति से महादेव की आराधना करेंगे।
दो चरणों में बंटा भव्य आयोजन
प्रथम चरण (12 फरवरी से): महाशिवरात्रि और भारतीय कालगणना पर केंद्रित। इसमें ख्यात कलाकार प्रीतम और विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ होंगी।
द्वितीय चरण (19 मार्च से 30 जून): ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल संरक्षण पर आधारित 41 से अधिक गतिविधियाँ होंगी, जिसमें 4000 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे।
देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किया है। इसके तहत विजेता को 1 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 21 लाख का राष्ट्रीय और 5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय सम्मान भी दिए जाएंगे।
मुख्य आकर्षण: फिल्मों से लेकर थिएटर तक
अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव (13-17 मार्च): 25 से अधिक देशों की पौराणिक फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
विक्रम नाट्य समारोह: राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) द्वारा ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ और ‘जटायुवधम्’ जैसे कालजयी नाटकों का मंचन होगा।
महाकाल वन मेला: दशहरा मैदान में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगेगा।
पुतुल समारोह: 25 से 28 फरवरी तक कठपुतली कला के माध्यम से विक्रम-वेताल और महाभारत की कथाएं जीवंत होंगी।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज के संयोजन में देश के प्रख्यात कवि और कवयित्रियाँ शिरकत करेंगी।
60 मंदिरों में गूंजेगा शिव नाम
महाशिवरात्रि के अवसर पर केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में भव्य मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा अयोध्या, महाभारतकालीन शस्त्रों और 84 महादेव पर आधारित विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।







