भोपाल

यूका का जहरीला कचरा खत्म,लोगों को अब विकास का इंतजार – गैस पीड़ित बस्तियों के रहवासियों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

यूका का जहरीला कचरा खत्म,लोगों को अब विकास का इंतजार
– गैस पीड़ित बस्तियों के रहवासियों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रियाएं
भोपाल यशभारत। दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी के अवशेष के रूप में मौजूद यूनियन कार्बाइड के कचरा का अध्याय आखिरकार समाप्त हो चुका है। पीथमपुर के रामकी संयंत्र में 337 मीट्रिक टन कचरे को कई चरणों में लगातार जलाकर नष्ट कर दिया गया है।वहीं अब यूूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास रहने वाले लोगों को यहां विकास का इंतजार है।गैस पीड़ित बस्तियों
के रहवासियों ने कचरा नष्ट किए जाने के बाद मिलीजुली प्रतिक्रियाएं दी है। किसी का कहना है कचरे के नष्टीकरण से उनका कोई लाभ नहीं हुआ है वह अब भी त्रासदी में मिले घाव को झेल रहे हैं। तो वहीं कुछ रहवासियों ने बताया कि कचरे को लेकर जो डर मन में था वह खत्म हो गया है, अब यहां विकास कार्य होना चाहिए। जिससे क्षेत्र और उसके रहवासियों के जीवन में बदलाव आ सके।

कार्बाइड का एक प्रतिशत जहरीला कचरा भी नहीं हुआ नष्ट:
गैस पीड़ितों के लिए कार्य करने वाली भोपाल ग्रुप फार इनफारमेशन एंड एक्शन संस्था की अध्यक्ष रचना ढिंगरा ने बताया कि यूनियन कार्बाइड का एक प्रतिशत जहरीला कचरा भी नष्ट नहीं हुआ है। कारखाने के अंदर 21 फिट में दबे और कारखाने के बाहर 32 एकड़ की जमीन में दबे जहरीले कचरे और प्रदूषित मिट्टी पानी की सफाई का अभी तक आंकलन नहीं हुआ है, सफाई कब तक होगी। गौरतलब है कि इसी जहरीले कचरे की वजह से कार्बाइड कारखाने के आस पास की 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हुआ है और ये प्रदूषण आगे बढ़ता ही जा रहा
है।
गैस पीड़ित बस्तियों के रहवासी बोले:
– सरकार ने यूनियन कार्बाइड कारखाने में कई सालों से पड़े जहरीले कचरे का निपटारा कर उपलब्धि भले हासिल कर ली हो लेकिन गैस पीड़ितों और रहवासियों को कोई लाभ नहीं हुआ है। यहां अब भी गैस पीड़ितों को पर्याप्त उपचार व सुविधा नहीं मिल पा रही है।जिनको लेकर बहुत काम करने की जरूरत है।
कमल किशोर नामदेव, रहवासी, जेपी नगर
– गैस त्रासदी ऐसी घटना है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है लेकिन सरकार ने कचरा लाकर लोगाें के मन से डर खत्म करवा दिया है।अब यहां आसपास और कारखाना परिसर का संरक्षण व सुंदरीकरण किया जाना चाहिए।
संदीप सिंह राजपूत, रहवासी, जेपी नगर
– कचरा हटने के बाद से लोगों में जो डर का माहौल था वो थोड़ा कम हुआ है लेकिन अब भी कई समस्याएं बरकरार हैं जिनका समाधान होना बाकि है।कारखाने के आसपास की बस्तियों में साफ-सफाई आदि नियमित रूप से होनी चाहिए।
हरीश ठाकुर,रहवासी, कैंची छोला
– कचरा हटाने से गैस पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा उनको मिले जख्म अब भी बरकरार है।अस्पतालों में उपचार समय पर नहीं मिल पाता है।पीड़ित परिवारों के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था के बेहतर इंतजाम करने की आवश्यकता है।

मुकेश मेर, रहवासी, छोला नाका

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