मुंबई और दिल्ली में रहकर पर्यटक कर सकेंगे मप्र के पर्यटन स्थलों की यात्रा – जानेंगे पर्यटन स्थलों का इतिहस और जनजातीय संस्कृति

मुंबई और दिल्ली में रहकर पर्यटक कर सकेंगे मप्र के पर्यटन स्थलों की यात्रा
– जानेंगे पर्यटन स्थलों का इतिहस और जनजातीय संस्कृति
– मप्र पर्यटन बोर्ड की पहल पर पहली बार ऑनलाइन सर्किट से जोड़े गए किडजानिया
आशीष दीक्षित, भोपाल। मुंबई और दिल्ली में रहकर मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों का जायजा लेने के लिए अब कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। एक ही जगह पर मप्र के पर्यटन स्थलों की यात्रा पर्यटक कर सकेंगे। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का इतिहास, और जनजातीय संस्कृति से भी अवगत होंगे। पहली बार मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रयासों से यह होने जा रहा है। मप्र टूरिज्म बोर्ड मुंबई और दिल्ली के किडजानिया के सर्किट से जुड़ गया है। एमपी टूरिज्म एक्सपीरियसंस सेंटर का शुभारंभ देश के दोनों अब बड़े महानगरों में कर दिया गया है। खास बात यह है कि मप्र के अध्यात्म और वन्यजीवों के बारे में भी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है। किडजानिया और एमपी टूरिज्म के बीच में एमओयू किया गया है।
वर्चुअल होगा पर्यटन स्थलों का सफर
मप्र टूरिरज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के मुताबिक मप्र के पर्यटन स्थलों का सफर पर्यटन वर्चुअल करेंगे। एक ही जगह पर बैठ कर इसका आनंद ठा सकेंगे। किडजानिया दिल्ली व मुंबई में बड़ी में संख्या में पर्यटक सैर के लिए पहुंचते हैं। किडजानिया में गेमिंग जोन के साथ ही अन्य सभी तरह के खेल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो कि ऑनलाइन रहते हैं।
मप्र का इतिहास संजोया गया
मप्र पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि प्राचीन समय से जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए मूल स्वरूप में सहेजा गया है। साथ ही इतिहास प्रेमियों के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग की तरह है। यहां यूनेस्को के 18 विश्व विरासत स्थल है। इसमें से 3 स्थायी सूची में और 15 अस्थायी सूची में शामिल हैं।
रिवर राफ्टिंग के साथ जंगल सफारी
पर्यटकों के लिए जंगल सफारी और रिवर राइड भी एनीमेटेड तैयार की गई है। इसके माध्यम से बच्चे प्रदेश के जंगलों की सैर भी करेंगे। वन्य जीव, नदियों, इतिहास और संस्कृति से परिचित होंगे। आने वाले समय में इसे और अधिक रोचक बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को तैयार किया जा रहा है। जंगल सफारी और रिवर राफ्टिंग। जंगल सफारी के दौरान बच्चे वर्चुअल जीप सफारी में मध्यप्रदेश के घने जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों और जंगली जानवरों को नजदीक से देखने का अनुभव करते हैं। वहीं, रिवर राफ्टिंग में वे प्रदेश की नदियों की लहरों पर सवारी करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य और जलजीवों को जानने का रोमांच महसूस करते हैं।
यह है उद्देश्य
– मध्यप्रदेश टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य बच्चों को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से रोचक और रचनात्मक तरीके से जोडऩा है।
– बच्चों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे परिवार को भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रति आकर्षित करने का कार्य करेगी।
प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बच्चों के जरिए परिवारों तक पहुंचाने के पहली बार किसी राज्य ने नवीन पहल की है। मध्यप्रदेश का यह नवाचार बच्चों को भविष्य का जिम्मेदार पर्यटक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
– तरणदीप सिंह शेखोंन, चीफ बिजनेस ऑफिसर किडजानिया
मध्यप्रदेश में हर वर्ग के लिए पर्यटकों के लिए सभी के लिए सब कुछ है। देश में उपलब्ध लगभग सभी पर्यटन आकर्षण मध्यप्रदेश में है। दिल्ली और मुंबई में बैठकर अब पर्यटन स्थलों का आनंद उठ सकेंगे।
– शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव, मप्र पर्यटन विभाग
यह नवाचार बच्चों को न केवल मनोरंजन और सीखने का अवसर दे रहा है बल्कि उन्हें भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक पर्यटक बनने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। यह एक ऐसा अनुभव है जिसे बच्चे जीवनभर याद रखेंगे और प्रदेश की यात्रा के लिए अपने परिवारों को भी प्रेरित करेंगे।
– बिदिशा मुखर्जी, अपर प्रबंधक, मप्र टूरिज्म बोर्ड







