भोपालमध्य प्रदेश

बाइसन के शिकार के लिए बाघ ने चट्टान से लगाई घात – झुलसा देने वाली गर्मी में शिकार के लिए सरोवर से बाहर आया बाघ

बाइसन के शिकार के लिए बाघ ने चट्टान से लगाई घात
– झुलसा देने वाली गर्मी में शिकार के लिए सरोवर से बाहर आया बाघ

भोपाल यशभारत,  आशीष दीक्षित] प्रदेश के प्रसिद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणियों के बीच जीवन जीने के संघर्ष का अनूठा नजारा सामने आया है। सरोवर के किनारे डेरा डाले हुआ एक चट्टान पर घास खा रहे बाइसन पर घात लगाए हुए बैठा है। इस नजारे को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के गश्ती दल ने अपने कैमरे में कैद किया। बाइसन काफी देर तक चट्टान के पास रहा और कुछ देर बाद अपने झुंड में शामिल हो गया। कड़ी मशक्कत करने के बाद भी शिकार बाघ के चंगुल से बाहर आ गया। बाघ के शिकार करने का तरीके को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया। प्रबंधन के आला अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। आम लोगों के साथ ही वन्यप्राणी भी हालाकान है।

सरोवर के किनारे बाघ ने डाला है डेरा
चूरना मढ़ई क्षेत्र में सरोवर के किनारे बाघ ने डेरा डाला हुआ है। शिकार के लिए बाघ अपने इलाके में लगातार विचरण कर रहा है। गौर पर जैसे ही बाघ पर नजर आई तो वह सतर्क होकर धीरे धीरे चट्टान के ऊपरी हिस्से में पहुंच गया। आम तौर पर झुंड में रहने वाला बाइसन झुंड से अलग हो गया था और चट्टान के पास ही घास चरने लगा था। बाघ की आहट उसे नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक बाघ काफी देर से बाइसन पर नजर शिकार का अनूठा तरीका बाघ को कुशल शिकारी के तौर पर जाना जाता है, जिस तरह से बाघ शिकार करता है उससे कोई छूट नहीं सकता है। बाघ के शिकार के तरीके को लेकर जो जानकारी साझा की गई है उसे प्रक्ति के बीच तनावपूर्ण क्षण कहा गया है। यह छवि चट्टानी इलाके में विरल घास और कुछ बिखरी झाडिय़ों के साथ सेट की गई है।

वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिया किया जा रहा प्रयास

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। बाघों को शिकार आसानी से मिल रहा है तो वहीं शाकाहारी वन्यप्राणियों को हरी घास और पत्ते मिल रहे हैं। फील्ड डायरेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाघों की संख्या में इजाफा हो रहा है। एक गुणना के अनुसार एसटीआर में बाघों की संख्या 45 से बढक़र 52 पर पहुंच गई।

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