11 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी, मंत्रालय से लेकर जिलों तक कामकाज ठप

11 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी, मंत्रालय से लेकर जिलों तक कामकाज ठप
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आज प्रदेशव्यापी हल्ला बोल शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन सहित प्रदेश के सभी 55 जिला मुख्यालयों पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है। इस आंदोलन के कारण सरकारी दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है।
सतपुड़ा भवन पर भारी हुजूम, मुख्य सचिव को भेजा ज्ञापन
भोपाल में आंदोलन का मुख्य केंद्र सतपुड़ा भवन रहा, जहां प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नेताओं ने मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। कर्मचारी नेताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है।
दिग्गज कर्मचारी नेताओं ने संभाली कमान
आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोहन अय्यर, विजय रघुवंशी, आशुतोष शुक्ला और राजेश्वर सिंह सहित दर्जनों दिग्गज नेताओं ने फील्ड पर कमान संभाल रखी है। जिला मुख्यालयों से मिल रही खबरों के मुताबिक, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी प्रदर्शन का व्यापक असर देखा गया है, जहां हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
सरकार की बढ़ सकती है मुश्किलें
प्रदेश में एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुए प्रदर्शन ने शासन और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से पुरानी पेंशन और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दे सरकार के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अब देखना होगा कि मुख्य सचिव को सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद सरकार की ओर से वार्ता की कोई पहल होती है या नहीं।







