भोपालमध्य प्रदेश

तीन माह से धंसी सडक़, हादसे का खतरा

तीन माह से धंसी सडक़, हादसे का खतरा
– ग्राम खामखेड़ा में सामने आई लापरवाही

भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल के खामखेड़ा क्षेत्र में एक बार फिर निर्माण एजेंसियों की लापरवाही उजागर हुई है। यहां पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सडक़ पर स्थित एक पुलिया का करीब 15 फीट लंबा हिस्सा धंस गया है, जिससे सडक़ के बीचोंबीच लगभग 5 फीट चौड़ा गहरा गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया की यह स्थिति बीते करीब तीन महीनों से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार कार्य नहीं किया गया।
जानकारी के मुताबिक खामखेड़ा में पीडब्ल्यूडी द्वारा करीब दो किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण कराया गया था। इसी सडक़ पर बनी पुलिया बारिश के दौरान कमजोर साबित हुई और उसका आधा हिस्सा एक तरफ से धंस गया। पुलिया धंसने के बाद सडक़ पर गहरा गड्ढा बन गया, जिसे अब तक न तो भरा गया और न ही किसी प्रकार का चेतावनी संकेत लगाया गया। इससे दिन-रात वाहन चालकों को खतरे में सफर करना पड़ रहा है।

गुरुवार को ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहनसिंह जाट पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके की स्थिति का वीडियो भी बनाया। इसी दौरान एक बाइक सवार का पहिया अचानक गड्ढे में धंस गया और वह गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बाइक सवार को संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहन की रफ्तार अधिक होती या भारी वाहन गुजरता, तो जानलेवा दुर्घटना हो सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी एक मैजिक वाहन इसी गड्ढे में फंसते-फंसते बचा था। लगातार हादसों की आशंका के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहनसिंह जाट ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए कहा कि सडक़ और पुलिया निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ बताया। जाट ने कहा कि बारिश के बाद यदि समय रहते मरम्मत कर दी जाती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल सुधार कार्य शुरू करने और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

यह मुद्दा जिला पंचायत की बैठक में भी उठाया गया। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पुलिया और सडक़ के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत जल्द कराई जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन बहुत मिल चुके हैं, अब उन्हें जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। यह सडक़ ग्रामीणों के लिए खतरे का सबब बनी हुई है। यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत और गड्ढे को नहीं भरा गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

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