
जबलपुर यश भारत। पिछले सप्ताह ही एमआरपी से अधिक पर शराब बेचने को लेकर एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दायर होने के बाद विभाग के अफसरों की नींद टूटी जिसके बाद वे सक्रिय हुए और ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 15 जिलों में लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। दरअसल, उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के बाद आबकारी आयुक्त समेत अन्य अफसरों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने 13 मई को सभी जिला अबकारी अधिकारियों और सहायक आबकारी आयुक्तों को इस नियम का उल्लंघन करने वाले शराब दुकानें के लाइसेंसधारियोंं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के साथ ही दस दिनों के भीतर कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट भेजने को कहा गया था। आदेश के बाद अब तक प्रदेश के केवल 15 जिलों में ही शराब दुकानों पर कार्रवाई की गई है। इन सभी दुकानों पर निरीक्षण के दौरान एमआरपी से अधिक पर शराब बेची जाती पाई गई। राजधानी में भी आबकारी अमले ने 4 समूहों की 7 दुकानों पर कार्रवाई की है। इन पर भी पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा गया था। जिस पर कलेक्टर ने इन दुकानों पर 24 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। भोपाल में शिकायतों के वाद अमले ने 400 से अधिक ट्रेस परवेचिंग कर शराब दुकानों की असलियत पता की थी। एमआरपी से अधिक या एमएसपी से कम पर शराब बिक्री पर लाइसेंसधारी पर उसकी सालाना लाइसेंस फीस के हिसाब से एक दिन की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसी हिसाब से अलग-अलग जिलों में शराब दुकानों पर अलग-अलग पेनल्टी लगाई गई है। नियम के अनुसार आबकारी अमले की जांच के दौरान जिस भी दुकान पर एमआरपी से अधिक पर शराब बेची जाती है उसके खिलाफ पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाता है। जवाब से संतुष्ट न होने पर पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव संबंधित जिले के कलेक्टर को भेजा जाता है। भोपाल में पेनल्टी की फाइल बुधवार को कलेक्टर को भेजी गई थी जिस पर शुक्रवार को आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई जबलपुर में एमआरपी से अधिक पर शराब बेचने वालों के खिलाफ प्रदेश में सबसे बड़ी कार्रवाई जबलपुर जिले में की गई है। यहां पर 32 शराब दुकानों पर 1 करोड़ 10 लाख की पेनल्टी लगाई गई है। सबसे छोटी कार्रवाई सिवनी जिले में हुई है, जहां एक दुकान पर केवल 6 हजार का जुर्माना लगा है। इंदौर में 18 समूहों की 19 दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने पर 51 लाख की पेनल्टी लगाई गई है।







