

जबलपुर यश भारत। कटंगी रोड स्थित एक निजी स्कूल में विगत दिवस बेहद दर्दनाक हादसे में कक्षा पहली की एक मासूम बच्ची की मृत्यु हो गई थी। सिंगरौली निवासी मासूम के पिता अरुण पांडे ने बताया कि अभी हम सिंगरौली अपने पैतृक घर मे हैं और अंत्येष्टि के कार्यक्रम हो जाने के उपरांत स्कूल प्रबंधन और अस्पताल पर एफआईआर करवाने की पूरी तैयारी है। इसी कड़ी में बच्ची के पिता ने यश भारत से चर्चा करते हुए बताया कि जब डॉक्टर एडम तेजा जो हड्डी के विशेषज्ञ हैं और जिन्होंने उनकी बच्ची का हाथ का ऑपरेशन किया था उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया था गलती उसकी है जिसने एनेस्थीसिया का डोज दिया अर्थात कहीं ना कहीं एनेस्थीसिया के ज्यादा डोज देने से ही बच्ची की मौत हो गई थी।
न्यायिक जांच की मांग को लेकर NSUI का कलेक्टर को ज्ञापन l
वही NSUI के प्रदेश महासचिव नीलेश माहर के नेतृत्व में NSUI कार्यकर्ताओं ने जबलपुर कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर सेंट अलोयसियस विद्यालय, रिमझा, जबलपुर में अध्ययनरत 6 वर्षीय बालिका कु. आर्ची पांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर कड़ा रोष प्रकट किया एवं घटना की न्यायिक जांच की माँग करते हुए ज्ञापन सौंपा।विद्यालय में अध्ययन के दौरान आर्ची के हाथ में गंभीर चोट आई, जिसे विद्यालय प्रबंधन द्वारा सामान्य जानकारी कहकर टालने की कोशिश की गई। बाद में परिजनों को सूचना दी गई, जब बच्ची की हालत गंभीर हो चुकी थी। ऑपरेशन के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। प्राथमिक तथ्यों से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बच्ची को इतनी गंभीर चोट कैसे लगी। विद्यालय की भूमिका एवं सूचना देने में हुई देरी इस पूरे प्रकरण को संदेहास्पद बनाते हैं।नीलेश माहर ने कहा कि यह सिर्फ एक बच्ची की मौत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था और बाल सुरक्षा मानकों पर एक सवाल है। अगर आज समय रहते न्याय नहीं मिला तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।कार्यक्रम में मुख्य रूप से नीलेश माहर,अपूर्व केशरवानी, प्रतीक शुक्ला, यश सोनी, करन सिंह, शुभम खटीक, राजीव पांडे, दीपेश विश्वकर्मा, उत्कर्ष मिश्रा, विवेक कुमार, राज नायक आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे l

क्या है मामला
विदित हो कि 6 वर्षीय बेटी आर्ची पांडे रिमझा स्थित संत अलॉयसियस स्कूल में कक्षा पहली में पढ़ती थी। 17 जुलाई गुरुवार को कि आर्ची स्कूल में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी वह गिर गई और उसे हाथ में चोट पहुंची।उसे विजय नगर स्थित शैल्बीअस्पताल ले जाया गया। बच्ची के पिता श्री पांडे परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे तो बच्ची बात कर रही थी। दोपहर करीब 3 बजे उसे ओटी ले जाया गया और रात 8.30 बजे ओटी से बाहर लाया गया लेकिन बच्ची को ऑक्सीजन आदि लगी थी। चिकित्सकों ने कहा कि उसके लंग्स में पानी भरा है। इसके बाद शुक्रवार की सुबह बच्ची की मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना है कि यह समझ से परे है कि बच्ची का हाथ टूटा, ऑपरेशन हुआ और बाद में कहा गया कि लंग्स में पानी भरा था। परिजनों ने बच्ची का सिंगरौली में अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले को लेकर परिजन स्कूल और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। मामले ने एक नया मोड़ तब लिया जब स्कूल प्रबंधन ने बच्ची की मौत का पूरा इल्जाम शैल्बी अस्पताल पर मढ़ दिया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची की मौत अस्पताल में गलत इलाज के कारण हुई है। इस बीच, स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि छात्रा खेलते वक्त गिर गई थी, जिसके बाद उन्होंने आर्ची के अभिभावक अरुण पांडे को स्कूल बुलाया था, और वह अपने पिता के साथ बात करती रही थी। स्कूल ने यह भी दावा किया है कि घटना के पूरे सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं। अब डॉक्टर के बयान से यह घटना पूर्ण रूप से स्पष्ट हो रही है कि अस्पताल प्रबंधन से ही एक भारी चूक हुई जिससे बच्ची की जान गई








