
33 घंटे तक ठप रहा एक्सप्रेस-वे, कठघरे में सरकार
प्रकाश आंबेडकर ने कहा, यह प्रशासनिक विफलता
मुंबई, यश भारत मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर गैस टैंकर पलटने से बनी 33 घंटे की भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति ने राज्य सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि केवल एक टैंकर से गैस रिसाव के कारण पूरे एक्सप्रेस-वे का इतने लंबे समय तक बंद रहना दर्शाता है कि आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय पूरी तरह कमजोर है। ज्वलनशील ‘प्रोपेलिन गैस’ को सुरक्षित रूप से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने में एन डी आर एफ , सी डी आर एफ, बी पी सी एल और हाईवे पुलिस को 33 घंटे लगना, यह साबित करता है कि व्यवस्था कितनी सुस्त है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान हजारों यात्री, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे, बिना भोजन-पानी के सड़क पर फंसे रहे। यात्रियों के लिए न तो शौचालय की व्यवस्था थी और न ही प्राथमिक सहायता की।
आंबेडकर ने यह भी सवाल उठाया कि जब आगे रास्ता पूरी तरह बंद था, तब वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश क्यों दिया गया। साथ ही, जाम के बावजूद टोल वसूली जारी रहने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि 33 घंटे तक नागरिकों का सड़क पर फंसे रहना किसी तकनीकी समस्या से ज्यादा एक गंभीर प्रशासनिक चूक है। सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस योजना बनानी चाहिए।







