शहर एवं ग्रामीण अंचलों में मड़ई मेला की धूम

जबलपुर यश भारत। दीपावली के बाद से शहर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में शुरू हुआ चंडी मेला और मडई मेला के आयोजन लगातार जारी है। परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले इन मेलों के प्रति जहां लोगों का लगाव भी है वहीं परंपराओं का निर्वहन भी हो रहा है। आज के हाईटेक जमाने और मॉल संस्कृति के बीच लगने वाले मिलन का आकर्षण आज भी कम नहीं हुआ है। शहरी क्षेत्र तक में लोग मडई और चंडी मेला घूमने आते हैं तथा खरीदारी भी करते हैं। शहर में अब तक गढा गुलौआ कटरा महाराजपुर के साथ अन्य स्थानों पर भी यह आयोजन लगातार चल रहे है। शहर की पुरानी बस्तियां और मोहल्ले में भी यह परंपरा जिंदा है। ग्रामीण अंचल में लगने वाली मडई मेला की तो अपनी अलग ही पहचान रहती है। दूर-दूर से लोग इनमें शिरकत करने पहुंचते हैं।
चंडी पूजा और अहीर नृत्य का विशेष महत्व
परंपरागत रूप से भारी जाने वाले इन मेलों में परंपरा अनुसार माता चंडी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है साथ ही इन मेलों का विशेष आकर्षण अहीर नृत्य भी रहता है।
दूर-दूर से आते हैं दुकानदार
हालाकी बदलते परिवेश मै इन मेलों का स्वरूप भी बदला है। परंपरागत मिठाइयों की जगह अब महंगी मिठाई भी इन मेलों में मिलती हैं इसके अलावा किसी जमाने में मड़ई मेला में लगने वाले काठ केझूला चकरी की जगह अब हाईटेक झूलों ने ले ली है।







