सुसाइड कैपिटल बनता जा रहा शहर, 24 घंटे में विवाहिता समेत चार ने दी जान

सुसाइड कैपिटल बनता जा रहा शहर, 24 घंटे में विवाहिता समेत चार ने दी जान
राजधानी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फंदे पर झूलते मिले शव; कहीं घरेलू कलह तो कहीं नशे की लत बनी मौत की वजह
भोपाल,यशभारत। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आत्महत्या के चार मामले सामने आने से सनसनी फैल गई। मृतकों में एक 23 वर्षीय नवविवाहिता, दो युवक और एक निजी कर्मचारी शामिल है। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव प्रमुख कारण बनकर उभर रहे हैं।
1. ससुराल से मायके छोड़ी गई विवाहिता ने लगाया फंदा
गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के बरखेड़ा पठानी का है। यहाँ 23 वर्षीय दिव्या रघुवंशी ने अपने मायके में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि एक दिन पहले ही दिव्या का पति राजेंद्र उसे मायके छोड़ गया था और उसका 2 साल का बेटा भी जबरन छीनकर ले गया। ससुराल पक्ष द्वारा दी गई रिश्ता खत्म करने की धमकी और बच्चे से बिछड़ने के सदमे में दिव्या ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
2. नशे की लत ने ली युवक की जान
शाहपुरा स्थित इंदिरा नगर मल्टी के रहने वाले रोहित गाठिया (23) की दो दिन तक अस्पताल में मौत से जंग लड़ने के बाद सांसें थम गईं। रोहित ने दो दिन पहले फांसी लगाई थी। पुलिस के मुताबिक, रोहित नशे का आदी था और पहले भी जान देने की कोशिश कर चुका था। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
3. बंद मकान में मिली बस चालक की लाश
रातीबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम समसगढ़ में एक निजी मेडिकल कॉलेज के बस चालक चंदन मालवीय (24) ने अपने पुराने और बंद पड़े मकान में फांसी लगा ली। घटना का पता तब चला जब छोटे भाई ने उसे फंदे पर लटका देखा। चंदन ने यह कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
4. किराए के कमरे में मिला शव
गोविंदपुरा के शांति नगर में रहने वाले मोहन कुमार वर्मा ने भी अपने किराए के कमरे में सुसाइड कर लिया। वह एक निजी संस्थान में काम करता था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस का कहना है कि इन चारों ही मामलों में एक बात सामान्य रही कि किसी भी मृतक ने सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। पुलिस अब मृतकों के मोबाइल कॉल डिटेल और परिजनों के बयानों के आधार पर कड़ियाँ जोड़ने की कोशिश कर रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गोविंदपुरा मामले में ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत बयानों के बाद ही स्थिति साफ होगी।







