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एक ठेका निरस्त होने से 7 जोन के 43 वार्डों की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से हो रही प्रभावित

जबलपुर यश भारत। नगर निगम जबलपुर के द्वारा शहर के 7 जोन कि जिन 43 वार्डों की सफाई का ठेका ठेका कंपनी के पास था उसके निरस्त होने के बाद से इन वार्ड की सफाई व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा है दूसरे शब्दों में कहा जाए तो त्योहार के इस मौके पर भी इन क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से कर्मी हुई नजर आ रही है। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा यह दिवा तो किया जा रहा है कि निगम के पास जो नियमित कर्मचारी हैं उन्हें लगाकर इन वर्णों में सफाई करवाई जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की उलट ही है। वैसे भी नवरात्र चलने के कारण इन बातों में स्थित देवी पंडाल और देवी मंदिरों के आसपास ही वह मुश्किल सफाई हो पा रही है ऐसे में वार्ड के बाकी बचे क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जगह-जगह लगे गंदगी के अंबार निगम के दावों की कलई खोलने के लिए काफी है। इस संबंध में जब सहायक स्वास्थ्य आयुक्त अंकिता बर्मन से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि जिस कंपनी का ठेका निरस्त हुआ है और जो वार्ड प्रभावित हुए हैं उन वार्डों में 15 नियमित कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है नगर निगम का पूरा प्रयास है कि त्यौहार के मौके पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे। यह तो हो गई अधिकारियों की बात दूसरी तरफ प्रभावित वार्डों के पार्षदों का कहना है कि वह अपनी तरफ से सफाई कर्मी लगाकर किसी तरह व्यवस्था को मैनेज करने में लगे हैं अब वास्तविकता क्या है यह तो बढ़ पार्षद और निगम के अधिकारी ही अच्छी तरह से जानते होंगे। ठप हो चुकी सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और नित नई तस्वीर भी सामने आ रही हैं जो समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बन रही हैं। लोग पार्षद के पास जाते हैं तू वह सफाई कर्मी ना होने का रोना रो कर अपना पल्लू झाड़ने का काम कर रहे हैं वहीं कुछ पार्षद ऐसे भी हैं जिनके द्वारा अपने स्तर पर जितनी व्यवस्था संभव हो पा रही करने की कोशिश कर रहे हैं।

40 कर्मियों का काम 15 के भरोसे

यदि निगम अधिकारियों की बात को सही मान भी लिया जाए की प्रभावित वार्ड में 15 कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है तो यह सवाल भी उठना लाजिमी है कि 40 लोगों का काम 15 लोगों के भरोसे कैसे संभव होगा वैसे भी यह आम शिकायत है कि जितने कर्मी व्यवस्था में लगाये जाते हैं शायद ही उनकी पूरी उपस्थिति कभी होती हो ऐसे में व्यवस्थाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

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