बरगी डेम में डूबे युवक का शव 2 दिन बाद मिला, दोस्त के सामने गहरे पानी में समाया
होली की खुशियां मातम में बदलीं

जबलपुर,यशभारत। बरगी डेम में डूबे युवक का शव घटना के दो दिन बाद शुक्रवार सुबह बरामद किया गया। मृतक की पहचान बरगी नगर जैन मंदिर के पास रहने वाले शैलेष नेमा (27) के रूप में हुई है। वह होली खेलने के बाद दोस्तों के साथ डेम में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में जाने से डूब गया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे बरगी नगर पुलिस की मौजूदगी में गोताखोरों ने युवक का शव डेम से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
होली खेलने के बाद बना डेम जाने का प्लान
जानकारी के अनुसार, शैलेष नेमा बुधवार सुबह करीब 11 बजे घर से निकला था। वह अपने दोस्तों रोहन कोइराला और सागर के साथ बरगी नगर में होली खेल रहा था। कुछ देर बाद तीनों बरगी नगर चौक में बैठे और वहीं से डेम में नहाने जाने का फैसला किया।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
रोहन कोइराला के मुताबिक वह डेम किनारे बैठा हुआ था, जबकि शैलेष पानी में उतर गया। अचानक शैलेष ने आवाज लगाई—“रोहन बचाओ।” पहले रोहन को लगा कि वह मजाक कर रहा है, क्योंकि शैलेष को तैरना आता था, लेकिन कुछ ही पलों में वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
बचाने की कोशिश, 10 मिनट तक पकड़े रखा
रोहन ने तुरंत ऊपर जाकर मदद मांगी। पास में मौजूद एक युवक पानी में उतरा और शैलेष को बचाने की कोशिश की। उसने करीब 10 मिनट तक शैलेष को पकड़कर रखा, लेकिन थक जाने के कारण उसे छोड़ना पड़ा, जिसके बाद शैलेष गहरे पानी में डूब गया। रोहन ने पुलिस को बताया कि उसे तैरना नहीं आता था, इसलिए वह पानी में नहीं उतर सका।
दो दिन तक चला सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने बुधवार शाम तक डेम में तलाश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। गुरुवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे गोताखोरों ने दोबारा तलाश शुरू की और करीब साढ़े 8 बजे शैलेष नेमा का शव बरामद कर लिया।







