मध्यप्रदेश डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए टीईटी 2026 की घोषणा, 12 अक्टूबर से होगी परीक्षा

मध्यप्रदेश डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए टीईटी 2026 की घोषणा, 12 अक्टूबर से होगी परीक्षा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए कर्मचारी चयन मंडल ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2026 की रूल बुक जारी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को अपनी सेवा जारी रखने के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
मंडल द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू होगी, जिसकी अंतिम तिथि 4 सितंबर तय की गई है। अभ्यर्थी 21 अगस्त से 9 सितंबर के बीच अपने आवेदनों में संशोधन कर सकेंगे। 12 अक्टूबर से परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तीर्ण होने के लिए शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक की समय-सीमा दी गई है।
परीक्षा पैटर्न और न्यूनतम अंक
टीईटी 2026 में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (150 अंक) पूछे जाएंगे, जिसके लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन (नेगेटिव मार्किंग) नहीं रखा गया है। पासिंग मार्क्स की बात करें तो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत (75 अंक) तथा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 60 प्रतिशत (90 अंक) अंक लाना अनिवार्य है।
फीस संरचना
परीक्षा में शामिल होने वाले सभी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए ₹1 हजार परीक्षा शुल्क तय किया गया है। इसके अतिरिक्त एमपी आनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने पर ₹60 तथा रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के जरिए ₹20 पोर्टल शुल्क लगेगा। प्रथम चरण में संशोधन के लिए ₹20 और अंतिम चरण में करेक्शन के लिए ₹40 शुल्क निर्धारित किया गया है।
शिक्षकों ने जताया विरोध
दूसरी ओर, 1 हजार रुपये परीक्षा शुल्क को लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध व्यक्त किया है। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों से फीस वसूलना अनुचित है। संगठन ने मांग की है कि परीक्षा शुल्क माफ किया जाए, परीक्षा ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में कराई जाए और शिक्षकों को तैयारी के लिए विशेष अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए।






