दिल्ली की सेफ्टी टीम के औचक ऑडिट से कोचिंग डिपो में मची अफरातफरी
सिक लाइन और स्टोर की हुई गहन जांच

जबलपुर यशभारत। पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर कोचिंग डिपो में रेलवे बोर्ड स्तर की सेफ्टी टीम के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। दिल्ली से पहुंची टीम ने सिक लाइन और स्टोर का बारीकी से ऑडिट किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यालय और जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। ऑडिट के बाद डिपो में व्यवस्थाओं और सामग्री के उपयोग को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस संबंध में रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जबलपुर स्थित कोचिंग डिपो में दो दिन पूर्व दिल्ली से आई रेलवे की सेफ्टी टीम ने सिक लाइन एवं स्टोर का विस्तृत ऑडिट किया। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान टीम ने उपलब्ध सामग्री, उसके रखरखाव, रिकॉर्ड तथा उपयोग की प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया। इस दौरान पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय और जबलपुर मंडल के कई अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार निरीक्षण शुरू होते ही पूरे डिपो में अफरातफरी का माहौल बन गया। विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने और दस्तावेज जुटाने में व्यस्त नजर आए। टीम ने कई बिंदुओं पर जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब भी तलब किए।
रेल कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि कोचों के रखरखाव के लिए बाहर से लगातार सामग्री (मटेरियल) आ रही है, लेकिन उसका अपेक्षित उपयोग दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि सामग्री गाड़ियों में नहीं लग रही है तो वह आखिर जा कहां रही है। माना जा रहा है कि ऑडिट के दौरान इस पहलू से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे गए हैं।हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक निरीक्षण के निष्कर्षों या किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट तैयार होने के बाद यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
फिलहाल इस औचक ऑडिट के बाद कोचिंग डिपो में व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ गई है और कर्मचारी भी रिकॉर्ड एवं कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने में जुटे हुए हैं।






