पुलिस लाइन में बलवा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन: 300 जवान हुए शामिल

पुलिस लाइन में बलवा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन: 300 जवान हुए शामिल
दंगा नियंत्रण और सामरिक क्षमता का अभ्यास
भोपाल, यशभारत। राजधानी में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराधों की रोकथाम के मद्देनज़र, पुलिस लाइन नेहरू नगर में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक बृहद बलवा (दंगा) मॉक ड्रिल परेड का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में थानों के बल और रक्षित केंद्र के अधिकारी/कर्मचारियों समेत लगभग 300 पुलिस जवानों ने भाग लिया।
भीड़ नियंत्रण की बारीकियों पर फोकस
बलवा ड्रिल परेड के अवसर पर जवानों को विपरीत परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों और पुलिस की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। ड्रिल का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन जैसी स्थितियों में भीड़ पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए अमले को प्रशिक्षण देना और उनकी क्षमताओं की परख करना था।
मॉक ड्रिल का सजीव प्रदर्शन
मॉक ड्रिल रिहर्सल में पुलिस जवानों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिनमें टियर गैस पार्टी, अश्रु गैस पार्टी, लाठी पार्टी, राइफ़ल पार्टी, मेडिकल पार्टी और वाटर कैनन पार्टी शामिल थीं।
सजीव परिदृश्य में:
मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही एक उग्र भीड़ को पहले पुलिस अधिकारियों ने बातचीत से समझाने की कोशिश की। जब भीड़ अचानक उग्र हो गई और पथराव शुरू किया, तो पुलिस ने पहले चेतावनी दी। भीड़ के नहीं हटने पर, उन्हें नियंत्रित करने के लिए टियर गैस के गोले और आंसू गैस के गोले दागे गए। जब प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने लगे, तो घोषणा के साथ लाठी चार्ज किया गया। स्थिति को अनियंत्रित होते देख और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मजिस्ट्रेट के आदेश के उपरांत अंतिम उपाय के तौर पर फायर किए गए। इस अभ्यास के दौरान, घायल हुए प्रदर्शनकारियों और कुछ पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार हेतु एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
उपकरणों और तकनीक का अभ्यास
बलवा ड्रिल में सभी पुलिसकर्मियों को हथियार चलाने का अभ्यास कराया गया, जिसमें 130 से अधिक टियर गैस, सेल एवं ग्रेनेड का उपयोग किया गया। इसके अलावा, वाटर कैनन, बज्र वाहन, रूद्र वाहन, और एंबुलेंस जैसे सभी आवश्यक वाहनों एवं उपकरणों का गहन निरीक्षण एवं अभ्यास किया गया।
रक्षित निरीक्षक जय सिंह तोमर ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती है ताकि पुलिसकर्मी विपरीत परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर सकें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।






