नारकीय जीवन जीने मजबूर मनमोहन नगर के रहवासी, न सड़क, न नाली, दशकों से कीचड़ भरे रास्ते से निकल रहे लोग

जबलपुर, यश भारत। एक तरफ तो जहां नगर निगम शानदार सड़कों और अच्छी जल निकाशी सुविधा की बात करती है. वहीं दूसरी तरफ त्रिमूर्ति नगर से सटे हुए मनमोहन नगर में दशकों से रह रहे लोग नरकीय जीवन जीने मजबूर है। जहां न तो सड़क की व्यवस्था है न ही पानी निकासी के लिए कोई ड्रेनेज चलते लोग कीचड़ भरे रास्ते से निकल रहे हैं और आए दिन दुर्घटना हो रही है जिसको लेकर कई बार क्षेत्रीय पार्षद व जनप्रतिनिधियों से गुहा लगाई गई लेकिन उसका कोई भी फायदा नहीं हुआ
बरसात सेनबादल तो गर्मी में धूल के गुबार से होती है परेशानी
स्कूल जाने में खासी परेशानी
मनमोहन नगर में रहने वाले राजू अग्रवाल ने बताया कि कॉलोनी की सड़क खराब होने के चलते बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसें और छोटी गाड़ियां में रोड पर ही खड़ी हो जाती
है, अंदर कॉलोनी में नहीं आती है। जिसके चलते अपने बच्चों को गोदी में लेकर सड़क तक छोड़ने जाना पड़ता है और फिर छुट्टी के समय सड़क पर खड़े होकर उनका इंतजार भी
करना पड़ता है, यदि बच्चे अकेले जाते हैं तो वह कीचड़ में अपने खराब कपड़े खराब कर लेते हैं और कभी-कभी गिरकर घायल भी हो जाते हैं।
सालों से रह रहे लोग
ऐसा नहीं है कि मनमोहन नगर कोई नई बसाहट हो यहां दो से तीन दशक से लोग रह रहे हैं और नगर निगम के नियम अनुसार उसका टैक्स भी जमा कर रहे हैं, लेकिन कभी भी यहां मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई। कुछ लोग तो यहां पर 90 के दशक से भी रह रहे हैं लेकिन उसके बाद भी यहां किसी भी जनप्रतिनिधि के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है और लोग परेशानियों के बीच जीवन जी रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर बना समस्या
इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या ट्रांसपोर्ट नगर की है, क्योंकि मनमोहन नगर चांडाल भाटा ट्रांसपोर्ट से सटा हुआ है ऐसे में यहां पूरे समय ट्रैकों की धमा चौकड़ी मची रहती है और रिहायसी क्षेत्र में बहुत सारे लोगों ने बड़े-बड़े गोदाम बना लिए है, जिसके चलते यहां पर सड़कों की पहले से खराच हालत और भी बत्तर स्थिति में हो गई है और ट्रैकों की आवाजाही के चलते कच्ची सड़क दलदल में तब्दील होती जा रही है।







