बिजली बिल की बढ़ती टेंशन से मिलेगी राहत

बिजली बिल की बढ़ती टेंशन से मिलेगी राहत
मध्य क्षेत्र विद्युत कंपनी ने बताए बचत के आसान नुस्खे
भोपाल, यशभारत। गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली की खपत में होने वाले इजाफे और भारी-भरकम बिलों से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनी का दावा है कि अगर उपभोक्ता अपनी दैनिक आदतों में मामूली बदलाव करें और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का चयन करें, तो बिजली बिल में 20 से 40 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है।
कंपनी के अनुसार, घरों में होने वाली कुल वार्षिक बिजली खपत का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा केवल रोशनी (लाइटिंग) पर खर्च होता है। ऐसे में साधारण बल्ब के स्थान पर एलईडी बल्ब का उपयोग सबसे कारगर उपाय है। एक 7 वाट का एलईडी बल्ब, 60 वाट के साधारण बल्ब की तुलना में 88 प्रतिशत तक ऊर्जा बचाता है और साल भर में एक बल्ब पर करीब 400 रुपये तक की बचत कर सकता है। इसके अलावा, टीवी और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को स्टैंडबाई मोड पर न छोड़ने की सलाह दी गई है, क्योंकि केवल इस एक सावधानी से साल भर में 70 यूनिट बिजली बचाई जा सकती है।
कूलिंग उपकरणों के मामले में कंपनी ने बताया कि एसी (एयर कंडीशनर) को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना सबसे किफायती रहता है। पुराने और रिपेयर किए गए एसी के बजाय नए स्टार रेटेड एसी का उपयोग करना बेहतर है। फ्रिज के रखरखाव को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं, जिसमें कंडेंसर कॉइल की नियमित सफाई और फ्रीजर की समय पर डीफ्रास्टिंग शामिल है। फ्रिज को दीवार से सटाकर रखने के बजाय हवा के आवागमन के लिए जगह छोड़ना और उसके दरवाजे की गास्केट की जांच करना भी बिजली बचत के लिए जरूरी है।
दफ्तरों और घरों में कंप्यूटर का उपयोग करते समय मॉनिटर को स्लीप मोड में रखने से 40 प्रतिशत ऊर्जा बचती है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एक कंप्यूटर 24 घंटे चालू रहता है, तो वह एक ऊर्जा दक्ष फ्रिज से भी ज्यादा बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। 1 से 5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल न केवल बिजली बिल को शून्य कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हैं।
विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ब्यूरो ऑफ एनर्जी इफिशिएंसी द्वारा प्रमाणित कम से कम 3-स्टार चिन्हित उपकरणों का ही क्रय करें। अप्रमाणित उपकरण शुरुआती खरीद में सस्ते जरूर हो सकते हैं, लेकिन अधिक बिजली खपत के कारण वे भविष्य में महंगे साबित होते हैं। कार्यालयीन समय में भोजनावकाश के दौरान या कक्ष से बाहर जाते समय पंखे और लाइट बंद करने की छोटी सी आदत भी बड़े वित्तीय लाभ दिला सकती है।







