AI की आंखों और मस्तिष्क के पहरे में होगा रेल सफर: अश्विनी वैष्णव

AI की आंखों और मस्तिष्क के पहरे में होगा रेल सफर: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली से होगी शुरुआत, अब बिना टिकट स्टेशन में एंट्री होगी मुश्किल
भोपाल, यशभारत। भारतीय रेलवे अब तकनीक के जरिए यात्री सुरक्षा और सुविधाओं का कायाकल्प करने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और एक्सेस कंट्रोल को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेशनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरा नेटवर्क स्थापित किया जाए। मंत्री ने कैमरों को रेलवे की आंख और एआई को उसका मस्तिष्क बताया, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर 24 घंटे लाइव नजर रखी जा सकेगी।
प्रमुख सुधार और नई व्यवस्थाएं:
क्यूआर कोड से मिलेगा प्रवेश: आगामी दीपावली और छठ पूजा जैसी भारी भीड़ वाली स्थितियों से निपटने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ‘क्यूआर कोड आधारित प्रवेश प्रणाली’ का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इससे केवल वैध टिकट धारक ही स्टेशन परिसर में प्रवेश कर पाएंगे।
कर्मचारियों के लिए कलर कोड जैकेट: जवाबदेही तय करने के लिए स्टेशन स्टाफ के लिए रंग-कोडेड फ्लोरोसेंट जैकेट और अनिवार्य पहचान पत्र लागू किए जाएंगे। रेलवे कर्मचारियों और संविदा कर्मियों (जैसे वेंडर, आईआरसीटीसी स्टाफ) के लिए अलग-अलग रंगों की जैकेट होगी ताकि यात्री उनकी पहचान आसानी से कर सकें।
रेलवन ऐप और भारत टैक्सी का संगम: यात्रियों को स्टेशन से घर तक (लास्ट माइल कनेक्टिविटी) सुगम परिवहन देने के लिए ‘रेलवन ऐप’ को ‘भारत टैक्सी’ सेवा से जोड़ा जाएगा। यह रेलटेल के सहयोग से विकसित एक पारदर्शी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा।
76 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया: स्टेशन के भीतर प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करने के लिए 76 स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। यहां अनारक्षित यात्रियों को रुकने की सुविधा होगी और उन्हें नियंत्रित तरीके से प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा।
भोपाल मंडल में भी दिखेगा असर
नई दिल्ली के पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर इन सुधारों को भोपाल सहित देश के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी विस्तार दिया जाएगा। रेल मंत्री ने स्टेशनों पर बेहतर लाइटिंग और स्पष्ट साइनज (संकेतक) लगाने के भी निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों को भटकना न पड़े।







