भोपाल

फल मंडियों पर छापा, केमिकल रिपनर और आम-तरबूज के नमूने जब्त

फल मंडियों पर छापा, केमिकल रिपनर और आम-तरबूज के नमूने जब्तIMG 20260520 WA0040
– खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मंडियों में हड़कंप, उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता
भोपाल, यश भारत।
राजधानी भोपाल में फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने और मिलावट की आशंका को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन की टीमों ने शहर की प्रमुख फल मंडियों में सघन जांच करते हुए कई दुकानों से संदिग्ध रसायन और फलों के नमूने जब्त किए। इस कार्रवाई के बाद फल व्यापारियों में हड़कंप मच गया, वहीं उपभोक्ताओं में बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीमों ने करोंद फल-सब्जी मंडी और लालघाटी क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों पर फलों को जल्दी पकाने के लिए रसायनों के उपयोग की आशंका सामने आई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब करोंद मंडी पहुंची तो दुकान नंबर 18 स्थित सईद फ्रूट कंपनी पर जांच के दौरान एक संदिग्ध केमिकल बरामद किया गया। दुकान संचालक मोहम्मद सईद के यहां से येलो रिप इथेनल रिपनर नामक रसायन जब्त किया गया, जिसका उपयोग फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में किया जाता है। अधिकारियों ने मौके से आम के नमूने भी जांच के लिए एकत्रित किए।
कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। इसके बाद टीम ने मंडी के अन्य व्यापारियों की दुकानों पर भी जांच की। न्यू फ्रूट सब्जी मंडी में दुकान नंबर 13 पर संचालित मो. परवेज की दुकान से भी आम और तरबूज के नमूने लिए गए। अधिकारियों को संदेह है कि इन फलों को भी रसायनों के माध्यम से जल्दी पकाया गया हो सकता है।
इसी अभियान के तहत लालघाटी क्षेत्र में भी कई दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां दांगी फल-सब्जी विक्रेता सहित आसपास के अन्य दुकानदारों की दुकानों से तरबूज, खरबूज और आम के संदिग्ध लॉट के नमूने एकत्रित किए गए। बताया जा रहा है कि करोंद मंडी की एक दर्जन से अधिक दुकानों का सर्वे कर कई सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी भोजराज सिंह धाकड़ की टीम ने कहा कि सभी नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है। यदि जांच में रसायनों का उपयोग या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यापारियों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद मंडियों में बिक रहे फलों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए फलों को जल्दी पकाने के लिए रसायनों का उपयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से लगातार निगरानी और नियमित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में आम, तरबूज और खरबूज की खपत तेजी से बढ़ती है और ऐसे समय में मिलावट या रसायनों का उपयोग सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि बाजार में संदिग्ध फल या खाद्य पदार्थ दिखाई दें तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही ऐसे फलों का सेवन करने से बचें जिनमें कृत्रिम पकाव या रसायनों के उपयोग की आशंका हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button