सतना lसरकारी निर्माण कार्यों में संविदाकार और अधिकारियों की मिलीभगत से किस तरह गुणवत्ता से समझौता किया जाता है, इसका ताज़ा उदाहरण कोठी तहसील में देखने को मिला। पोड़ी-मनकहरी मार्ग (लम्बाई 3.00 कि.मी.) के नवीनीकरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी, जिसकी पोल औचक निरीक्षण में खुल गई।
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी जब निरीक्षण के लिए पहुंचीं, तो सड़क की हालत देख विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
क्या है पूरा मामला?
PWD विभाग द्वारा कराई जा रही इस सड़क में डामर की गुणवत्ता और मोटाई मानकों के अनुसार नहीं थी। निरीक्षण के दौरान जब कार्यपालन यंत्री बी.आर. सिंह से जवाब तलब किया गया, तो उन्होंने मामले को हल्का करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि “कुछ हिस्से रिजेक्ट किए गए हैं,” लेकिन जमीनी हकीकत यह थी कि पूरी सड़क ही निम्न स्तर की बनी थी।
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