मन की बात से सकारात्मक ऊर्जा, जल संरक्षण और किसान हित सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मन की बात से सकारात्मक ऊर्जा, जल संरक्षण और किसान हित सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी गैर-राजनीतिक भाव से देशवासियों की भावनाओं को मंच देते हैं और पर्यावरण नवाचार व वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने युवा साथियों के साथ इस कार्यक्रम को सुना और सभी से इसे नियमित रूप से सुनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कहा कि प्रदेश में यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष भी संचालित किया जा रहा है। नदी, नाले, कुएं और बावड़ियों सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण के लिए 16 विभागों के समन्वय से यह पहल चलाई जा रही है। यह अभियान गुड़ी पड़वा से 30 जून तक चलेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नारी शक्ति अधिनियम पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके अधिकार सुनिश्चित किए हैं जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में इस बिल को समर्थन दिया जाएगा और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। गेहूं खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि कलेक्टरों की बैठक में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अब कटा या टुकड़ों में गेहूं भी निर्धारित शर्तों के आधार पर खरीदा जाएगा। खरीदी की गति बढ़ाकर दोगुनी की जा रही है और छोटे बड़े सभी किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, आने वाले समय में उड़द की फसल ₹600 प्रति क्विंटल बोनस के साथ खरीदी जाएगी। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक किसानों के साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की है और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपने शासनकाल के लिए किसानों से माफी मांगने की बात कही।







