गेहूं खरीदी में देरी पर सियासत गरम कांग्रेस का उपवास खत्म, सरकार पर घोटाले के आरोप

गेहूं खरीदी में देरी पर सियासत गरम कांग्रेस का उपवास खत्म, सरकार पर घोटाले के आरोप
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन की बदहाली और किसानों की ब्याज मुक्ति की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अब इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को घेरने में जुट गई है। राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे से उपवास पर बैठे सेवादल कार्यकर्ताओं का अनशन शुक्रवार को खत्म कराया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी स्वयं मौके पर पहुंचे और सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव सहित अन्य कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला और गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। मीडिया से चर्चा में पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर गेहूं खरीदी प्रक्रिया में करीब एक महीने की देरी की, जिससे किसान मजबूरी में अपना अनाज कम कीमत पर व्यापारियों को बेचने के लिए विवश हो गए। उन्होंने कहा कि यह देरी योजनाबद्ध तरीके से की गई, ताकि किसानों को नुकसान हो और निजी व्यापारियों को फायदा मिले। पटवारी ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान अब विकास नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के कैंसर से होने लगी है। उन्होंने दावा किया कि गेहूं उपार्जन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है और इसका सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं, इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है







