विद्युत चोरी रोकने खुलेंगे थाने

जबलपुर यश भारत। जिस तरह अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस थाने मौजूद हैं अब उसी तर्ज पर विद्युत कंपनियां बिजली चोरी रोकने और बिजली चोरों पर नकेल कसने के लिए विद्युत थाना खोलने की कवायद में लग गई है। और विद्युत कंपनी के द्वारा बाकायदा इसका एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भी भेज दिया गया है और जैसे ही सरकार से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी यह बिजली थाने अस्तित्व में आने लगेंगे। फिलहाल प्रदेश मै जबलपुर सहित भोपाल इंदौर ग्वालियर उज्जैन और रीवा में एक-एक थाना खोले जाने की योजना है। और यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्दी ही इस दिशा में क्रियान्वयन की कार्यवाही भी शुरू हो जाएगी। यदि कंपनियां अपने प्रयास में सफल होती है तो न केवल थानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है बल्कि आने वाले समय में हर जिले में इस तरह के थाने स्थापित करने की भी योजना है। विद्युत कंपनी का मानना है कि इन थानो के खुलने से न केवल बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा बल्कि डिफॉल्टरों से बिजली के बिलों की वसूली में भी आसानी होगी। खोले जाने वाले इन बिजली थानों में प्रतिनियुक्ति पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जो बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर मौके पर जाकर औचक निरीक्षण करेगा एफ आई दर्ज करेगा और केस डायरी भी बनाएगा। गौरतलब है कि बिजली चोरी और डिफॉल्टरों की बिल की वसूली न हो पाने के कारण विद्युत कंपनियां घाटे में चल रही हैं। कंपनी को घाटे से उबारने के लिए सख्ती भी की जा रही है। अभियान चला कर बिल वसूली भी की जा रही है इसके बाद भी बिल वसूली नहीं हो पा रही और इसीलिए बिजली कंपनी अब थाने खोलने की कवायद में लग गई है। कंपनियों का मानना है कि इससे न केवल बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा बल्कि बिजली बिलों की वसूली भी आसान हो जाएगी। अभी तो कई बार देखने में यह भी आता है कि बिजली बिल वसूली के लिए जाने वाले विद्युत कर्मियों के साथ झूमा झपटी गाली गलौज से लेकर मारपीट तक हो जाती है। इन थानो में बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के साथ ही पुलिस के अधिकारी कर्मचारी भी प्रतिनियुक्ति पर लाये जाएंगे। जो सामंजस्य बनाकर कार्य करेंगे। गौरतलब है कि बिजली चोरी एक बड़ा संकट है जिसके कारण बिजली कंपनियों को लाइन लास होता है और बिलों की वसूली न हो पाने के कारण भी बिजली कंपनियां साल दर साल घाटे में चल रही हैं। इस घाटे की भरपाई करने के लिए बिजली कंपनी हर साल टैरिफ बढ़ा देती है जिसके कारण बिजली महंगी होती जा रही है। कंपनी को होने वाले लाइन लॉस को कम करने का टारगेट विद्युत नियामक आयोग बिजली कंपनियों को पहले ही दे चुका है।







