
रेल मंत्रालय के सहयोग से खरीफ–रबी में उर्वरक आपूर्ति को नई गति
– बेहतर समन्वय से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची उर्वरक रेक की आवाजाही
नई दिल्ली, यश भारत किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इसी उद्देश्य से खरीफ और रबी 2025 के दौरान रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के बीच बेहतर समन्वय का सकारात्मक प्रभाव देशभर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। उर्वरक रेकों की तेज और सुचारु आवाजाही के कारण राज्यों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे खेती के महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।
उर्वरक विभाग के अनुसार, रेल मंत्रालय के सहयोग से देश के हर कोने तक पर्याप्त मात्रा में खाद पहुंचाई जा सकी। इस अभूतपूर्व तालमेल के चलते खाद्य सुरक्षा को लेकर भारत सरकार का संकल्प और अधिक सशक्त हुआ है।
आंकड़े इस सफलता की पुष्टि करते हैं। जुलाई 2025 में प्रतिदिन औसतन 72 उर्वरक रेक लोड किए गए, जो अगस्त में बढ़कर 78 और सितंबर में 80 रेक प्रतिदिन तक पहुँच गए। यह पिछले पाँच खरीफ सत्रों में अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान अप्रैल से दिसंबर 2025 तक देश के सभी राज्यों में प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त और संतोषजनक उपलब्धता सुनिश्चित की गई। यूरिया के लिए जहां 312.40 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता थी, वहीं 350.45 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता कराई गई।







