एमपी पुलिस अब पुरानी फाइलों के झंझट से मुक्त, सिपाहियों से लेकर इंस्पेक्टरों की चरित्रावली होगी डिजिटल

एमपी पुलिस अब पुरानी फाइलों के झंझट से मुक्त, सिपाहियों से लेकर इंस्पेक्टरों की चरित्रावली होगी डिजिटल
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश पुलिस पुलिस मुख्यालय में पदोन्नति की व्यवस्था को सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नया प्रशासनिक सुधार लागू किया जा रहा है। नए पदोन्नति नियम-2025 के माध्यम से अब सिपाहियों से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों का वार्षिक गोपनीय मूल्यांकन पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि अब पुलिसकर्मियों का मूल्यांकन चक्र कैलेंडर वर्ष के बजाय भारतीय वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के अनुसार चलेगा। इससे पहले पुरानी फाइलों और रिकॉर्ड गायब होने की वजह से कई योग्य पुलिसकर्मियों का प्रमोशन सालों तक अटक जाता था। अब ट्रांसफर के दौरान बनने वाले मूल्यांकन पत्रों की समस्या दूर होगी और कम से कम 90 दिन तक साथ काम कराने वाले अधिकारी ही संबंधित जवान की रिपोर्ट दर्ज कर सकेंगे।
इनका कहना है…
सिपाहियों की गोपनीय रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करने और वित्तीय वर्ष के आधार पर मूल्यांकन करने से सारा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे रिकॉर्ड न मिलने की वजह से किसी भी जवान का प्रमोशन रुकने की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
रियाज इकबाल, उप महानिरीक्षक (प्रशासन)
सुधार के मुख्य बिंदु:
ऑनलाइन चरित्रावली: सिपाहियों, हवलदारों, उप-निरीक्षकों और इंस्पेक्टरों की चरित्रावली अब डिजिटल पोर्टल पर दर्ज होगी।
नया मूल्यांकन चक्र: अब रिपोर्टिंग अवधि 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक गिनी जाएगी।
90 दिनों का नियम:जिस अधिकारी के अधीन जवान ने न्यूनतम 90 दिन कार्य किया है, वही मूल्यांकन दर्ज करने के लिए अधिकृत होगा।
समयसीमा और सुरक्षा: समय पर रिपोर्ट न भरने पर सिस्टम द्वारा अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे पुराने समय की तिथियों में फेरबदल की गुंजाइश खत्म होगी।







