एमपी बोर्ड: बेटियों ने गाड़ा सफलता का झंडा, पन्ना की प्रतिभा बनीं प्रदेश टॉपर

एमपी बोर्ड: बेटियों ने गाड़ा सफलता का झंडा, पन्ना की प्रतिभा बनीं प्रदेश टॉपर
अनूपपुर जिला 98.8% रिजल्ट के साथ प्रदेश में अव्वल, जनजातीय क्षेत्रों का शानदार प्रदर्शन
भोपाल, यश भारत। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष भी परिणामों में बेटियों का दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नतीजे जारी करते हुए बताया कि प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम उत्साहजनक रहा है, जिसमें जनजातीय जिलों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
पन्ना की प्रतिभा ने रचा इतिहास
हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने प्रदेश में टॉप किया है। प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। मेरिट सूची में भी छात्राओं ने अपनी बढ़त बनाए रखी है। कुल 378 मेरिट धारकों में 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं।
अनूपपुर बना प्रदेश का नंबर-1 जिला
जिलों की रैंकिंग में अनूपपुर ने बाजी मारी है। यहाँ का 10वीं का परिणाम 98.8% रहा, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पिछड़़े और जनजातीय क्षेत्रों से ऐसे परिणाम आना सुखद संकेत हैं।
एक नजर आंकड़ों पर:
12वीं का कुल परिणाम: 76.01%
10वीं का कुल परिणाम: 73.42%
न्यूनतम उत्तीर्ण अंक: प्रत्येक विषय में 33% अनिवार्य।
शिक्षा मंत्री ने कहा- छात्रों का हित सर्वोपरि
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन और वेरिफिकेशन में विशेष सावधानी बरती गई है ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा, हमने तकनीक और गहन जांच का सहारा लिया है जिससे गलतियों की गुंजाइश खत्म हो गई है।
असफल छात्र न हों परेशान, 7 मई से सप्लीमेंट्री
जो छात्र एक या दो विषयों में सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें बोर्ड ने दूसरा मौका दिया है। प्रदेश में 7 मई से सप्लीमेंट्री परीक्षाएं शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही, जिन छात्रों के नंबर पासिंग मार्क्स से थोड़े कम रह गए हैं, उन्हें बोर्ड की ग्रेस (कृपांक) नीति का लाभ भी दिया गया है।
कब और कहाँ मिलेगी मार्कशीट?
परिणाम घोषित होने के साथ ही छात्र अपनी प्रोविजनल मार्कशीट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, असली अंकसूची कुछ दिनों बाद संबंधित स्कूलों से वितरित की जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे विस्तृत जानकारी के लिए अपने स्कूल प्राचार्य से संपर्क करें।







