जबलपुर को मच्छर मार रहे हर साल करोड़ों रुपए का डंक, डेंगू-चिकुनगुनिया से जा रही जान

जबलपुर यशभारत। शहर में मच्छरों की मारने पर हर साल नगर निगम 80 लाख रुपए का केमिकल छिड़क रहा है। हर घर के खिड़ को दरवाजे में मच्छर जाली लगाने पर बड़ी राशि खर्च हो रही है। इसके अलावा मच्छरदानी, इनसेक्ट स्प्रे. [ाइल, इलेक्ट्रानिक मशीन पर भी प्रत्येक घर में तीन माह में डेढ़ हजार रुपए तक खर्च हो जाते हैं। इन सबके बावजूद मच्छर जनित बीमारियों से राहत नाहीं मिल रही है। तमाम दावों के बीच हर साल डेंगू जानलेवा हो रहा
ये इलाके बन जाते है हॉट स्पॉट
संखेरी, जीसीएफ स्टेट वीकल स्टेट, शोभापुर, कंचन्पुर, शास्त्री नगर, गौरीघाट, स्नेह नगर, धनवंतरि नगर।
खाली प्लॉट और नाली बने नर्सरी
नगर में खाली प्लॉट और चौक नाली लार्वा व मच्छर की नर्सरी है। मच्छर के विनिष्टीकरण के लिए निगम के पास लाखों का सेटअप है। इनमें हेंड स्पे मशीन से लेकर फॉगिंग मशीन और वीकल मॉट बाही महीनें भी शामिल हैं। मच्छर व लार्वा विनिष्टीकरण के लिए निगम का स्वास्थ्य विभाग मैलाथियान, इटोफेनप्रोक्स, ब्लीचिंग पाउडर समेत अन्य केमिकल का उपयोग करता है।
यह है स्थिति
80 लाख से ज्यादा का कैमिकल पी रहे हैं मच्छर
500 से 550 मरीज मच्छर जनित बीमारियों से पीड़ित
30 से 35 लाख का जांच और इलाज में सालाना खर्च
300 से 500 रुपये मच्छर से बचाव पर महीने में हर घर का खर्चा
1500 रुपये तक सीजन में एक परिवार मच्छर नियंत्रण पर करता है खर्च
डेंगू की जांच व इलाज भी महंगा
2 हजार रुपये लेकर 1.50 लाख रुपये तक डेंगू की जांच से लेकर पर खर्च 15 दिन से लेकर 1 महीना लग जाता है मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में निगम का मच्छर मारक तंत्र
5 बड़ी वीकल माउंट मशीन हैं 10-10 लाख लागत वाली
50 पोर्टेबल फॉगिंग मशीन
225 के लगभग हैड स्प्रे






